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CG NEWS : छत्तीसगढ़ में बिना अनुमति DJ-लाउडस्पीकर बजाना पड़ेगा भारी’ जेल तक का प्रावधान, कोलाहल नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार

CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेज आवाज में डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित इस्तेमाल पर लगाम लगाने की तैयारी है। गृह एवं पुलिस विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-2026’ का प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित कानून में सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर अनुमति और नियमों को सख्त करने का प्रावधान किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ जेल और उपकरण जब्त करने जैसी कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है।

DJ और लाउडस्पीकर के लिए लेनी होगी अनुमति

प्रस्तावित नियमों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस आयुक्त या सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। यानी बिना अनुमति डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि उपकरण चलाने पर कार्रवाई की जा सकती है।

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आयोजकों को कार्यक्रम से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। इससे सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान ध्वनि के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

नियम तोड़ने पर जुर्माना और जेल का प्रावधान

ड्राफ्ट में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्र चलाने या निर्धारित शर्तों की अनदेखी करने पर भारी जुर्माना और जेल तक की कार्रवाई हो सकती है।

इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने में इस्तेमाल किए गए डीजे, लाउडस्पीकर या अन्य उपकरणों को जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित किया गया है।

धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर भी असर

छत्तीसगढ़ में गणेश उत्सव, नवरात्रि, शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रम और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में डीजे और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल आम है। ऐसे आयोजनों में प्रस्तावित कानून के तहत अनुमति और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन करना पड़ सकता है।

इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर तेज आवाज से होने वाली परेशानी को कम करना और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना बताया गया है।

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