Vishwakarma Puja’ नई दिल्ली। हर साल कन्या संक्रांति के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है। इस दिन विशेष रूप से कारखानों, वर्कशॉप, दुकानों और निर्माण से जुड़े संस्थानों में मशीनों, औजारों और उपकरणों की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा देवताओं के दिव्य शिल्पकार और वास्तुकार हैं। इसलिए निर्माण, शिल्प और तकनीकी कार्यों से जुड़े लोग उन्हें अपना आराध्य मानते हैं।
कौन हैं भगवान विश्वकर्मा?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के महान शिल्पकार के रूप में वर्णित किया गया है। पौराणिक कथाओं में उन्हें देवताओं के लिए महलों, भवनों, अस्त्र-शस्त्र और नगरों का निर्माण करने वाला बताया गया है।
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मान्यता के अनुसार, उन्होंने इंद्रपुरी, द्वारका और लंका जैसे भव्य नगरों के निर्माण में भूमिका निभाई थी। इसी कारण कारीगर, इंजीनियर, वास्तुकार और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोग भगवान विश्वकर्मा की विशेष पूजा करते हैं।
मशीनों और औजारों की पूजा क्यों?
विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों और औजारों की पूजा करने के पीछे मुख्य भाव काम के साधनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का है। मजदूर, कारीगर और तकनीकी कर्मचारी जिन उपकरणों की मदद से अपना काम करते हैं, उन्हें भगवान विश्वकर्मा की कला का प्रतीक माना जाता है।
इस दिन कई जगहों पर मशीनों की सफाई की जाती है। औजारों को व्यवस्थित करके उन पर फूल, रोली और अक्षत चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर कार्यस्थल की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की जाती है।
उद्योगों में खास महत्व
विश्वकर्मा पूजा का सबसे ज्यादा महत्व औद्योगिक क्षेत्रों में देखने को मिलता है। फैक्ट्रियों, बिजली संयंत्रों, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, निर्माण स्थलों और तकनीकी संस्थानों में इस अवसर पर विशेष आयोजन किए जाते हैं।
कई प्रतिष्ठानों में इस दिन मशीनों की नियमित सर्विसिंग और सफाई भी की जाती है। कर्मचारी मिलकर पूजा करते हैं और कार्यस्थल पर सुरक्षित एवं सुचारु कामकाज की प्रार्थना करते हैं।
परंपरा में छिपा है पर्यावरण और सुरक्षा का संदेश
मशीनों और औजारों की पूजा केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है। इसके पीछे काम के उपकरणों की देखभाल का व्यावहारिक संदेश भी देखा जाता है। मशीनों की सफाई और रखरखाव से उनकी कार्यक्षमता बेहतर रखने में मदद मिलती है।
साथ ही, कार्यस्थल पर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी मिलता है। कर्मचारी अपने उपकरणों की स्थिति जांचते हैं और सुरक्षित तरीके से काम करने का संकल्प लेते हैं।

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