High Court’ बिलासपुर। सब इंस्पेक्टर (SI) प्रमोशन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पदोन्नति के लिए पात्रता और संबंधित सेवा अवधि का निर्धारण केवल किसी अधिकारी की ज्वाइनिंग डेट के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी नियुक्ति के कैलेंडर वर्ष के आधार पर किया जाएगा।
हाईकोर्ट के इस फैसले को पुलिस विभाग में पदोन्नति और वरिष्ठता से जुड़े मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फैसले के बाद उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति एक ही चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी, लेकिन अलग-अलग तारीखों पर ज्वाइनिंग के कारण उनकी पदोन्नति प्रभावित हो रही थी।
ज्वाइनिंग की तारीख को नहीं माना जाएगा एकमात्र आधार
मामले की सुनवाई के दौरान पदोन्नति के लिए सेवा अवधि की गणना को लेकर सवाल उठाया गया था। विवाद इस बात पर था कि अधिकारियों की पात्रता उनकी वास्तविक ज्वाइनिंग की तारीख से तय की जाए या नियुक्ति के वर्ष को आधार बनाया जाए।
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हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि नियुक्ति के कैलेंडर वर्ष को आधार माना जाएगा। यानी एक ही नियुक्ति प्रक्रिया से चयनित अधिकारियों के मामले में केवल ज्वाइनिंग की तारीख के अंतर के कारण पदोन्नति की पात्रता में भेद नहीं किया जा सकता।
SI प्रमोशन प्रक्रिया पर पड़ सकता है असर
न्यायालय के फैसले का असर पुलिस विभाग की SI पदोन्नति प्रक्रिया पर पड़ सकता है। विभाग को अब पदोन्नति से जुड़े मामलों में कोर्ट के निर्देशों और सेवा नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई करनी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में नियुक्ति की प्रक्रिया, चयन सूची, नियुक्ति आदेश और सेवा नियमों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद विभाग को पात्र अधिकारियों की सूची और पदोन्नति से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा करनी पड़ सकती है।
एक ही बैच के अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
यह फैसला विशेष रूप से उन अधिकारियों के लिए अहम माना जा रहा है, जो एक ही भर्ती या चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त हुए थे, लेकिन विभिन्न कारणों से अलग-अलग तारीखों पर सेवा में शामिल हुए।
कई मामलों में ज्वाइनिंग की तारीख में अंतर के कारण वरिष्ठता और पदोन्नति की पात्रता को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से ऐसे मामलों में नियुक्ति के कैलेंडर वर्ष को महत्व मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

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