पंजाब SIR: पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नाम के ड्राफ्ट मतदाता सूची से गायब होने के बाद अब पटियाला के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने भी अपने और परिवार के नाम को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सांसद धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में दर्ज हैं।
धर्मवीर गांधी ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल
डॉ. धर्मवीर गांधी ने कहा कि मुद्दा केवल उनकी वोट का नहीं है, बल्कि पंजाब SIR की पूरी प्रक्रिया को लेकर है। उन्होंने इसे आम लोगों के लिए जटिल और परेशानी भरा बताते हुए कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण आसान और पारदर्शी होना चाहिए, ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सांसद ने बताया कि वह वर्ष 2000 से एक ही मकान में रह रहे हैं और उनका परिवार भी लंबे समय से वहीं रह रहा है। इसके बावजूद रिकॉर्ड के मिलान को लेकर समस्या सामने आई। उन्होंने कहा कि अगर उनके जैसे व्यक्ति का रिकॉर्ड मैच नहीं हो रहा है, तो उन आम लोगों की स्थिति समझी जा सकती है जो नौकरी, कारोबार या किराए के कारण बार-बार अपना पता बदलते हैं।
परिवार को जुटाने पड़े पुराने दस्तावेज
धर्मवीर गांधी के मुताबिक, उनके परिवार के एक सदस्य के वोट रिकॉर्ड को लेकर भी परेशानी सामने आई। इसके लिए परिवार को कई दशक पुराने दस्तावेज तलाशने पड़े। उन्होंने बताया कि वर्ष 1974 और 1978 के रिकॉर्ड तक खोजकर प्रशासन के सामने पेश किए गए।
उन्होंने कहा कि परिवार के दस्तावेज, पासपोर्ट की प्रतियां और पहचान से जुड़े अन्य प्रमाण भी प्रशासन को दिए गए। सांसद के अनुसार, यह मामला केवल किसी वीआईपी की वोट का नहीं है, बल्कि हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा का है।
चुनाव आयोग ने दी सफाई
वहीं, चुनाव आयोग ने उन खबरों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया, जिनमें दावा किया गया था कि धर्मवीर गांधी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम 13 अगस्त 2026 को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं।
आयोग के अनुसार, डॉ. धर्मवीर गांधी, उनकी पत्नी जगदंबा कौशल, बेटी रोहानी पराशर, बहू चाहत साहूजा और बेटे नबेंदु के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल हैं। ये सभी AC नंबर 115-पटियाला, पार्ट नंबर 98 में सीरियल नंबर 44 से 48 तक दर्ज हैं।
‘हर नागरिक की वोट सुरक्षित होनी चाहिए’
धर्मवीर गांधी ने कहा कि यदि किसी सांसद या विधायक की समस्या को प्रशासन प्राथमिकता देकर हल करता है, तो इससे आम नागरिकों की समस्या खत्म नहीं हो जाती। उन्होंने मांग की कि हर व्यक्ति के वोट के अधिकार की समान रूप से रक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें रोजाना ऐसे लोगों की शिकायतें मिल रही हैं, जिनकी वोट रिकॉर्ड से मैप नहीं हो पा रही हैं। उनके मुताबिक, जिन लोगों के पास जरूरी पुराने दस्तावेज नहीं हैं, उनके लिए स्थिति और मुश्किल हो सकती है।
सरकार पर भी साधा निशाना
पंजाब SIR को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए धर्मवीर गांधी ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का इस्तेमाल किसी वर्ग, जाति या समुदाय को मतदान के अधिकार से वंचित करने के लिए नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पहले लोग सरकार चुनते थे, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि “सरकारें अपने वोटर चुन रही हैं।” सांसद ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि वह आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे और SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करेंगे।

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