वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

CG NEWS : 11 एयरपोर्ट्स प्राइवेट हाथों में सौंपने की तैयारी, रायपुर एयरपोर्ट भी जाएगा निजी हाथों में

CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी आने वाले समय में निजी कंपनी को सौंपी जा सकती है। केंद्र सरकार ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के 11 एयरपोर्ट्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत निजी ऑपरेटरों को देने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। प्रस्ताव के मुताबिक इन एयरपोर्ट्स के लिए 50 साल की कंसेशन अवधि रखी जाएगी।

पांच बंडल में दिए जाएंगे 11 एयरपोर्ट

सरकार ने 11 एयरपोर्ट्स को पांच अलग-अलग बंडल में रखने की योजना बनाई है। इसमें बड़े और छोटे एयरपोर्ट को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि बड़े एयरपोर्ट से होने वाली कमाई के जरिए छोटे एयरपोर्ट्स की आर्थिक व्यवहार्यता को मजबूत किया जा सके।

CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय, राजधानी समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश, अगले 2 दिन राहत के आसार नहीं

प्रस्ताव के अनुसार रायपुर और औरंगाबाद एयरपोर्ट को एक बंडल में रखा गया है। इसी तरह अमृतसर-कांगड़ा, वाराणसी-गया-कुशीनगर, भुवनेश्वर-हुबली और तिरुचिरापल्ली-तिरुपति को अलग-अलग समूहों में शामिल किया गया है।

रायपुर एयरपोर्ट को लेकर क्या है योजना?

रायपुर एयरपोर्ट वर्तमान में AAI के स्वामित्व और संचालन में है। सरकारी दस्तावेजों में स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर के संचालन, प्रबंधन और विकास को PPP मॉडल पर देने का प्रस्ताव शामिल है। PPPAC की 4 अगस्त 2026 की बैठक में इस प्रस्ताव को in-principle approval दिया गया था।

इसका मतलब यह है कि अभी एयरपोर्ट का निजीकरण अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है। आगे की प्रक्रिया में अंतिम मंजूरी और बोली की प्रक्रिया पूरी की जानी होगी।

8,622 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान

सरकार के अनुसार 11 एयरपोर्ट्स को निजी ऑपरेटरों को सौंपे जाने के बाद इन परियोजनाओं में करीब 8,622 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इससे एयरपोर्ट्स के बुनियादी ढांचे, यात्री सुविधाओं और संचालन क्षमता में सुधार की उम्मीद है।

सरकार ने एयरपोर्ट क्षेत्र में बाजार पर कुछ बड़ी कंपनियों का अत्यधिक दबदबा बनने से रोकने के लिए एक निजी बोलीदाता को मिलने वाले एयरपोर्ट बंडलों की संख्या सीमित करने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा बनाए रखना और किसी एक कंपनी के हाथ में बहुत अधिक एयरपोर्ट्स का नियंत्रण जाने से रोकना है।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay