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Assam-Meghalaya Border Tension : NH-27 पर चक्काजाम, मेघालय की गाड़ियां रोकीं; शिलॉन्ग हिंसा के बाद बढ़ा तनाव

Assam-Meghalaya Border Tension: असम और मेघालय के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। शिलॉन्ग में 19 अगस्त को हुई हिंसा के दौरान असम नंबर की गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी के विरोध में असम के कैब और ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने मेघालय की गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया। इसके बाद मेघालय में भी असम नंबर के वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। दोनों राज्यों के बीच बढ़ते तनाव से हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में यात्री परेशान हैं।

NH-27 पर चक्काजाम, मेघालय की गाड़ियां रोकी गईं

शिलॉन्ग की हिंसा के बाद असम के परिवहन कर्मचारियों ने जोराबाट में मेघालय में रजिस्टर्ड वाहनों को रोक दिया। गुवाहाटी के टैक्सी चालकों और अन्य परिवहन संगठनों के प्रदर्शन के कारण NH-27 पर चक्काजाम की स्थिति बन गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बताया गया कि मरीजों को ले जाने वाले वाहनों को जाने की अनुमति दी गई।

असम में मेघालय की गाड़ियों को रोके जाने के जवाब में मेघालय के परिवहन संगठनों ने भी उमियम (बारापानी) के पास असम नंबर के वाहनों की आवाजाही रोक दी। वहीं, एक अन्य संगठन ने बर्नीहाट में नाकेबंदी कर असम से मेघालय जाने वाले वाहनों को रोक दिया।

शिलॉन्ग में क्यों भड़की हिंसा?

दरअसल, शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी। प्रदर्शनकारियों की मांगों में मेघालय निवासी सुरक्षा एवं संरक्षा कानून (MRSSA) को लागू करना, MPSC और जिला चयन समितियों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार तथा बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए कड़े नियम शामिल हैं।

इसके अलावा NEIGRIHMS अस्पताल में नर्सों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव और ईस्ट जयंतिया हिल्स के लम सिरमन में प्रस्तावित श्री सीमेंट खदान से जुड़ी जनसुनवाई को रद्द करने की मांग भी उठाई गई। 19 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा भड़क उठी। इस दौरान असम में रजिस्टर्ड कुछ वाहनों को निशाना बनाया गया।

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दोनों राज्यों के सीएम ने की शांति की अपील

तनाव बढ़ने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा से बातचीत की। सरमा ने दोनों राज्यों को ‘सिस्टर स्टेट’ बताते हुए लोगों से शांति, संयम और आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की।

वहीं, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी कहा कि दोनों राज्यों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सामाजिक संबंध हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद स्थिति सामान्य करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई और दोनों राज्यों के नागरिकों से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

पर्यटन और कारोबार पर भी असर

Assam-Meghalaya Border Tension का असर आम यात्रियों के साथ-साथ पर्यटन और कारोबार पर भी पड़ने की आशंका है। जोराबाट और अन्य सीमा क्षेत्रों में यातायात बाधित होने से अंतरराज्यीय यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेघालय के पर्यटन संगठनों ने भी हिंसा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से मेघालय की सुरक्षित पर्यटन स्थल वाली छवि प्रभावित हो सकती है और पर्यटक अपनी यात्राएं रद्द कर सकते हैं।

फिलहाल दोनों राज्यों के प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीमा पर बढ़े तनाव को शांत करना और दोनों राज्यों के बीच सामान्य यातायात बहाल करना है।

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