CG NEWS : रायपुर, 20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अहम पहल की है। राज्य में अब साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य साइबर अपराध से जुड़े मामलों की निगरानी, जांच और कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है। सेंटर के गठन और संचालन को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
साइबर अपराध पर कसेगा शिकंजा
डिजिटल दौर में ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंकिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, फिशिंग, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में लगातार नए तरीके सामने आ रहे हैं। अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर अलग-अलग जिलों और राज्यों में बैठे लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे मामलों में कई एजेंसियों और पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की जा रही थी।
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प्रस्तावित साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सेंटर के माध्यम से साइबर अपराध से संबंधित सूचनाओं को एक जगह समन्वित करने और जरूरत के अनुसार संबंधित पुलिस इकाइयों तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
IG प्रशांत अग्रवाल को मिली अहम जिम्मेदारी
साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए IG प्रशांत अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके नेतृत्व में साइबर अपराधों से जुड़ी कार्रवाई और विभिन्न स्तरों पर समन्वय को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस व्यवस्था से जिलों में दर्ज साइबर अपराधों की निगरानी के साथ-साथ गंभीर और संगठित मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए बेहतर नेटवर्क तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
DIG जायसवाल भी संभालेंगे जिम्मेदारी
इसके साथ ही DIG जायसवाल को भी सेंटर से जुड़ी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उनकी भूमिका साइबर अपराधों की जांच और पुलिस की विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण होगी। सेंटर के जरिए साइबर मामलों में तकनीकी विशेषज्ञता और पुलिस कार्रवाई के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर रहेगा।
जांच और कार्रवाई में आएगी तेजी
साइबर अपराधों में अक्सर अपराधी अलग-अलग राज्यों या देशों में बैठकर वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे मामलों में आरोपियों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। नए सेंटर से सूचनाओं के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
डिजिटल सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर के गठन को छत्तीसगढ़ में डिजिटल अपराधों के खिलाफ पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में तकनीकी संसाधनों, विशेषज्ञ टीम और बेहतर समन्वय के जरिए साइबर ठगी पर प्रभावी अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी।

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