AI Deepfake Rules : नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच केंद्र सरकार ने एआई जेनरेटेड डीपफेक कंटेंट पर शिकंजा कसते हुए नियमों को और सख्त कर दिया है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किए जाने वाले डीपफेक ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट को लेकर नियामकीय ढांचे को मजबूत किया है। नए प्रावधानों के तहत अब सोशल मीडिया कंपनियों को भ्रामक और फर्जी एआई कंटेंट पर पहले की तुलना में अधिक तेजी से कार्रवाई करनी होगी। सरकार का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल रही गलत सूचनाओं, फर्जी वीडियो और पहचान की चोरी जैसी घटनाओं पर रोक लगाना है।
डीपफेक कंटेंट पर होगी त्वरित कार्रवाई
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई की मदद से तैयार किया गया भ्रामक या फर्जी कंटेंट सामने आता है, तो संबंधित प्लेटफॉर्म को उस पर तुरंत कार्रवाई करनी होगी। कंपनियों को ऐसे कंटेंट की पहचान, समीक्षा और आवश्यक होने पर उसे हटाने की प्रक्रिया पहले से अधिक प्रभावी बनानी होगी। साथ ही, शिकायत मिलने पर समयबद्ध तरीके से उसका समाधान करना भी अनिवार्य होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की बढ़ी जिम्मेदारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया कंपनियां अब केवल कंटेंट होस्ट करने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने वाले डीपफेक कंटेंट की निगरानी और नियंत्रण की भी जिम्मेदारी निभानी होगी। कंपनियों को ऐसे तकनीकी सिस्टम विकसित करने होंगे जो एआई से तैयार किए गए फर्जी कंटेंट की पहचान कर सकें और उसके प्रसार को रोकने में सक्षम हों।
पहले भी जारी किए गए थे दिशा-निर्देश
इससे पहले 20 फरवरी को सरकार ने एआई जेनरेटेड कंटेंट को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें एआई से तैयार किए गए कंटेंट की लेबलिंग यानी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया था, ताकि उपयोगकर्ताओं को यह पता चल सके कि संबंधित ऑडियो, वीडियो या टेक्स्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से बनाया गया है।
फर्जी खबरों और साइबर अपराध पर लगेगी रोक
विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल फर्जी खबरें फैलाने, किसी व्यक्ति की छवि खराब करने, वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के नए नियम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों की निजता और विश्वसनीयता की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

More Stories
Agni-4 Missile Test: अंधेरी रात में गरजी अग्नि-4, 4000 KM तक मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण
Supreme Court TET Decision: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना होगा अनिवार्य
भ्रामक लेबलिंग पर सख्ती: कई शराब कंपनियों के खिलाफ FSSAI का बड़ा एक्शन