UCC रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस संबंध में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए संविधान की भावना के अनुरूप एक समान नागरिक कानून का प्रारूप तैयार करना है। इसके लिए आम जनता, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों, धार्मिक संस्थाओं और अन्य हितधारकों से सुझाव और राय आमंत्रित की गई है।
सरकार का कहना है कि प्राप्त सुझावों के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद राज्य में यूसीसी को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
आम जनता से मांगे गए सुझाव
समिति ने नागरिकों से अपील की है कि वे समान नागरिक संहिता से जुड़े अपने सुझाव, विचार और आपत्तियां निर्धारित तारीख तक भेज सकते हैं। सरकार का मानना है कि कानून बनाने से पहले सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि तैयार होने वाला मसौदा व्यापक जनहित और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप हो।
सुझाव लिखित रूप में या निर्धारित माध्यमों से समिति को भेजे जा सकते हैं। समिति सभी प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी।
क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है। वर्तमान में इन विषयों पर अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। यूसीसी लागू होने की स्थिति में इन मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रावधान किया जा सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रयास करने का निर्देश दिया गया है, जिसे राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों में शामिल किया गया है।
समिति तैयार करेगी विस्तृत रिपोर्ट
पांच सदस्यीय समिति प्रदेशभर से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण करेगी। इसके बाद सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट में यह भी शामिल होगा कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप यूसीसी का स्वरूप कैसा हो सकता है और इसे लागू करने में किन-किन पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
सरकार का कहना है कि यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर किसी भी निर्णय से पहले समाज के सभी वर्गों की राय को प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए धार्मिक संगठनों, महिला संगठनों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक सुझाव देने की अपील की गई है।

More Stories
CG NEWS : अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे बेसहारा मवेशी, छत्तीसगढ़ में बनेंगे 1460 गौधाम
CG NEWS : रायपुर रेलवे स्टेशन पर 500 किलो संदिग्ध पनीर बरामद, खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, जांच के लिए भेजे गए सैंपल
CG NEWS : मादा भालू का कहर, दो ग्रामीणों की दर्दनाक मौत, एक गंभीर घायल… गांव में दहशत का माहौल