CBSE Three Language Rule : नई दिल्ली। कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य करने के CBSE के नियम को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से इस मामले की जल्द सुनवाई करने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नया नियम लागू होने के बाद शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, इसलिए मामले पर तत्काल सुनवाई जरूरी है।
याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ से आग्रह किया कि मामले की सुनवाई बुधवार या गुरुवार को की जाए। इस पर CJI ने कहा, “हम देखेंगे।”
क्या है CBSE का तीन भाषा वाला नियम?
CBSE के 15 मई 2026 को जारी सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाओं (R1, R2 और R3) की पढ़ाई अनिवार्य की गई है।
इस नियम के तहत छात्रों को तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। यानी विद्यार्थियों को तीनों भाषाओं के चयन में कम से कम दो भारतीय भाषाओं को शामिल करना अनिवार्य होगा।
यदि कोई विद्यार्थी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो सर्कुलर के अनुसार उसे पहले दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना होगा।
याचिकाकर्ताओं ने नियम पर क्या सवाल उठाए?
CBSE के तीन भाषा नियम को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इसे लागू करने के लिए कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और किताबें उपलब्ध नहीं हैं।
एक वरिष्ठ वकील ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि CBSE ऐसा सर्कुलर लागू कर रहा है, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि छात्रों के सामने पर्याप्त विकल्प दिए बिना भाषाओं को अनिवार्य किया जा रहा है।
केंद्र, NCERT और CBSE ने किया नीति का बचाव
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, NCERT और CBSE से जवाब मांगा था। तीनों ने अपने-अपने हलफनामों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तीन भाषा वाले फ्रेमवर्क का समर्थन किया है।
केंद्र और शिक्षा से जुड़े संस्थानों का कहना है कि तीन भाषा नीति का उद्देश्य बहुभाषावाद और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने अदालत से CBSE स्कूलों में लागू तीन भाषा नीति के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने का आग्रह किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की तैयारियों पर मांगी थी रिपोर्ट
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से CBSE द्वारा इस नीति को लागू करने के लिए की गई लॉजिस्टिकल तैयारियों पर रिपोर्ट देने को कहा था।
अदालत यह भी देख रही है कि तीन भाषा व्यवस्था को लागू करने के लिए स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक, किताबें और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं।
1 जुलाई 2026 से लागू है नया नियम
CBSE के सर्कुलर के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य है। इसमें R1, R2 और R3 के रूप में तीन भाषाओं का प्रावधान किया गया है और कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है।
अब याचिकाकर्ताओं की जल्द सुनवाई की मांग के बाद इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर नजर है। अदालत के फैसले से देशभर के CBSE स्कूलों और कक्षा 9 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर सीधा असर पड़ सकता है।

More Stories
Dabur Products : ‘100% शुद्ध’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई, FSSAI ने शहद-घी समेत कई उत्पादों की बिक्री पर लगाई रोक
Air India Flight Turbulence : फुकेट-दिल्ली फ्लाइट तेज टर्बुलेंस में फंसी, 15 यात्री घायल, 300 फीट नीचे गिरा विमान, मची अफरा-तफरी
Raja Raghuwanshi Murder Case : राजा-सोनम की शादी का कैटरिंग बिल बना नया विवाद: 11.42 लाख के बिल में 2.82 लाख बाकी, कैटरर ने दी कोर्ट जाने की चेतावनी