वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

CG News : 1.13 करोड़ के बदले 45 करोड़ के नकली नोट देने का झांसा, रायपुर में करोड़ों की ठगी का खुलासा, फर्जी करेंसी नेटवर्क की जांच शुरू

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने पुलिस और जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। एक कारोबारी से 1 करोड़ 13 लाख रुपये लेकर 45 करोड़ रुपये के नकली नोट देने का झांसा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो नकली नोट दिए और न ही कारोबारी की रकम लौटाई। मामले में दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस अब इसे केवल धोखाधड़ी तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि संभावित फर्जी करेंसी नेटवर्क और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े एंगल की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

1.13 करोड़ लेकर 45 करोड़ देने का किया था दावा

एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने कारोबारी को यह विश्वास दिलाया कि वे उसे 1 करोड़ 13 लाख रुपये के बदले 45 करोड़ रुपये के नकली नोट उपलब्ध करा देंगे। कथित तौर पर यह पूरा सौदा बेहद गोपनीय तरीके से तय किया गया था। कारोबारी ने आरोपियों पर भरोसा करते हुए रकम सौंप दी, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी उसे न नकली नोट मिले और न ही उसकी राशि वापस की गई।

CG Teachers Pension Update : 2018 से पहले की सेवा का लाभ नहीं मिलेगा, सरकार ने नियम किए स्पष्ट’ 1.60 लाख एलबी शिक्षकों को बड़ा झटका

जब आरोपियों से संपर्क नहीं हो पाया, तब पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

दो अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस

रायपुर पुलिस इस मामले की जांच दो प्रमुख बिंदुओं पर कर रही है। पहला, कारोबारी से 1 करोड़ 13 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी और दूसरा, एफआईआर में दर्ज उस दावे की सत्यता कि आरोपियों ने बड़ी मात्रा में नकली नोट उपलब्ध कराने और उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई थी।

जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या वास्तव में कोई संगठित गिरोह फर्जी करेंसी की सप्लाई से जुड़ा हुआ है या फिर नकली नोटों का लालच देकर केवल ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया।

फर्जी करेंसी नेटवर्क की भी होगी पड़ताल

पुलिस का कहना है कि यदि जांच में नकली नोटों के नेटवर्क से जुड़े किसी भी प्रकार के सबूत मिलते हैं, तो मामले में संबंधित धाराएं जोड़कर जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन और आपसी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित सौदे में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या इस तरह की वारदात पहले भी कहीं की गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आर्थिक अपराध, संगठित अपराध और संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क के पहलुओं पर भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल ठगी का मामला नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर अपराध भी हो सकता है।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay