Online Attendance CG : रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में आ रही तकनीकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति VSK ऐप की तकनीकी खामी, सर्वर डाउन होने या नेटवर्क संबंधी समस्या के कारण दर्ज नहीं हो पाती है, तो इसके आधार पर उनके वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। इस निर्णय से प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
तकनीकी दिक्कतों की लगातार मिल रही थीं शिकायतें
पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न जिलों से शिक्षकों द्वारा VSK ऐप में लॉगिन न होने, सर्वर धीमा रहने, लोकेशन अपडेट नहीं होने और नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने के कारण कई शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
शिक्षक संगठनों ने भी सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाते हुए मांग की थी कि तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर शिक्षकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए।
सरकार ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि VSK ऐप में तकनीकी समस्या की स्थिति में शिक्षकों के वेतन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला जाएगा। यदि किसी दिन ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती है और इसका कारण तकनीकी खामी या नेटवर्क समस्या है, तो संबंधित मामले का परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि तकनीकी कारणों से अनुपस्थिति मानकर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ऑनलाइन व्यवस्था को और बनाया जाएगा बेहतर
शिक्षा विभाग ने VSK ऐप की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाने के लिए तकनीकी सुधार की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। सर्वर क्षमता बढ़ाने, ऐप की स्थिरता सुधारने और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि शिक्षकों को भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
शिक्षकों ने फैसले का किया स्वागत
सरकार के इस निर्णय का विभिन्न शिक्षक संगठनों और शिक्षकों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बन रहा था। नए आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतना पड़ेगा।

More Stories
CG News : सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर गंभीर आरोप, बच्चों के सामने अशोभनीय हरकत का VIDEO वायरल, जांच शुरू
CG Politics : BJP के दो जिलाध्यक्षों की कथित ऑडियो बातचीत वायरल, नाश्ता-चाय के खर्च पर हुई तीखी बहस, कांग्रेस ने कहा- ‘समोसे पर संग्राम’
CG Sand Royalty Scam : छत्तीसगढ़ में 6 करोड़ के रेत रॉयल्टी घोटाले की जांच फाइल गायब, 10 साल पुराने मामले में फिर उठे सवाल