IND vs ZIM : नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे की निराशा को पीछे छोड़ते हुए युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi’ ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 मुकाबले में शानदार वापसी की। उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए शानदार अर्धशतक जड़ा और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस दमदार पारी के साथ वैभव ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वह आईसीसी के फुल मेंबर देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
हालांकि उनकी पारी से ज्यादा चर्चा उनके अर्धशतक के बाद किए गए अनोखे सेलिब्रेशन की रही। मैच खत्म होने के बाद वैभव ने खुद इस सेलिब्रेशन का मतलब बताया और इसके पीछे की कहानी साझा की।
शानदार पारी से की दमदार वापसी
इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद वैभव सूर्यवंशी पर काफी दबाव था। लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मुकाबले में उन्होंने आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों की जमकर खबर ली।
उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए तेज गति से रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी पारी ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर खुद को साबित करने का माद्दा रखते हैं।
रिकॉर्ड बनाकर इतिहास में दर्ज कराया नाम
अपने अर्धशतक के साथ वैभव सूर्यवंशी ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। वह आईसीसी के फुल मेंबर देशों के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पचास रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।
यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बड़ी मानी जा रही है और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह भारतीय टीम के महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन सकते हैं।
वायरल सेलिब्रेशन का आखिर क्या था मतलब?
अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव का खास सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। फैंस लगातार यह जानना चाहते थे कि आखिर उन्होंने मैदान पर किसे इशारा किया था।
मैच के बाद बातचीत में वैभव ने बताया कि उनका यह सेलिब्रेशन उन लोगों के लिए था जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया और लगातार उन पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि यह जश्न उनके परिवार, कोच, टीम के साथियों और उन सभी समर्थकों के नाम था, जिन्होंने मुश्किल दौर में भी उनका हौसला बढ़ाया।
आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दिया
वैभव ने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और हर खिलाड़ी को कठिन दौर से गुजरना पड़ता है। इंग्लैंड दौरे के बाद उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने नकारात्मक बातों पर ध्यान देने के बजाय अपनी तैयारी पर फोकस किया।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए योगदान देना है और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहना है।

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