Weather Update : नई दिल्ली। देशभर में सक्रिय हुए मानसून ने गुरुवार को कई राज्यों में भारी तबाही मचाई। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश समेत कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़कों पर जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क धंसने, भूस्खलन और वज्रपात जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से थमी रफ्तार
राजधानी दिल्ली, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। प्रमुख सड़कों पर घंटों तक ट्रैफिक जाम लगा रहा। दिल्ली के भोगल अंडरपास में पानी भरने से एक लग्जरी कार फंस गई, जबकि ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 में सड़क धंसने से एक कार गड्ढे में समा गई। कई सोसायटियों और अपार्टमेंट में पानी भरने से 200 से अधिक वाहन खराब हो गए।
उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से 19 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में मानसून का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। बारिश और वज्रपात से जुड़े हादसों में 19 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। गाजियाबाद में जलभराव में डूबने से तीन वर्षीय बच्ची और नाले में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
पूर्वांचल के कई जिलों में वज्रपात से सात लोगों की जान चली गई। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश तक पहुंच चुका है, जिसके कारण पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा हो रही है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण 84 से अधिक सड़कें भूस्खलन से बंद हो गई हैं। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई स्थानों पर प्रभावित हुआ है। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने के कारण नौकायन पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में तेज बहाव के कारण लगभग 100 फीट लंबा बेली ब्रिज पानी में डूब गया। कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी भारी नुकसान
गुजरात के सूरत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई। बाढ़ जैसे हालात के कारण करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के बाटलिंग प्लांट से लगभग 3,000 गैस सिलेंडर नदी में बह गए। पुणे में इमारत गिरने की घटना में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। कई जिलों में प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन और राहत दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
लोगों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले इलाकों, नदियों और नालों के पास जाने से परहेज करें तथा बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों में न रहें। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

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