Sawan Somwar Vrat 2026 : नई दिल्ली, सनातन धर्म में सावन (श्रावण) माह भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवभक्त व्रत, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से उपासना करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, विवाह में आ रही रुकावट समाप्त होती है, मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में भगवान शिव कैलाश पर्वत से अपनी ससुराल कनखल आते हैं। इसी कारण इस महीने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
Sawan 2026: कब से शुरू होगा सावन 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार सावन माह 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक रहेगा। इस वर्ष सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे। प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है और इन दिनों व्रत रखने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
Sawan Somwar Vrat 2026 Dates: सावन सोमवार व्रत 2026 की पूरी सूची
पहला सावन सोमवार: 03 अगस्त 2026
दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
इन चारों सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा का आयोजन किया जाएगा।
सावन सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है। कुंवारी कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं, जबकि विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत करती हैं।
मान्यता है कि इस दौरान शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
सावन सोमवार व्रत की पूजा सामग्री
सावन सोमवार की पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री तैयार रखें—
गंगाजल
बेलपत्र
धतूरा
गाय का दूध
दही
शहद
घी
शक्कर
सफेद चंदन
भस्म
रुद्राक्ष
लौंग
इलायची
पान का पत्ता
कपूर
धूप
दीपक
रुई की बत्ती
नैवेद्य
Sawan Somwar Puja Vidhi: सावन सोमवार व्रत की पूजा विधि
1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ एवं हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
2. व्रत का संकल्प लें
घर या मंदिर की सफाई कर भगवान शिव के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और सकारात्मक भाव बनाए रखें।
3. शिवलिंग का अभिषेक करें
भगवान शिव का गंगाजल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, चंदन और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
4. मंत्र जाप और आरती करें
‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और शिव आरती का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
5. व्रत कथा का पाठ करें
सावन सोमवार व्रत की कथा अवश्य पढ़ें या सुनें। मान्यता है कि कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है।
सावन सोमवार व्रत में रखें इन बातों का विशेष ध्यान
किसी से विवाद या कटु व्यवहार न करें।
काले रंग के वस्त्र पहनने से बचें।
तामसिक भोजन, शराब और मांसाहार का सेवन न करें।
घर और पूजा स्थल की स्वच्छता बनाए रखें।
भगवान शिव की पूजा श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ करें।
जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और दान-पुण्य करें।
सावन में शिव पूजा से मिलने वाले लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से—
विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
मनचाहा जीवनसाथी मिलने की मान्यता है।
दांपत्य जीवन सुखमय होता है।
आर्थिक परेशानियां कम होती हैं।
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
सावन का महीना भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम समय माना जाता है। यदि श्रद्धा, नियम और विधि-विधान के साथ सावन सोमवार का व्रत किया जाए तो शिव कृपा से जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति मिलने और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की धार्मिक मान्यता है।

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