नई दिल्ली।Global Passport Index 2026 में भारत की रैंकिंग में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट अब 125वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले कुछ वर्षों में मामूली सुधार के बाद भी भारत टॉप-100 देशों की सूची में जगह नहीं बना सका। 2021 और 2023 में भारत 127वें स्थान पर था, जबकि 2025 में यह 124वें स्थान तक पहुंचा था। हालांकि 2026 में एक बार फिर एक पायदान नीचे खिसककर भारत 125वें स्थान पर आ गया है।

रैंकिंग में गिरावट का सीधा असर भारतीय नागरिकों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुविधा पर दिखाई देता है। वर्तमान में भारतीय पासपोर्ट धारक केवल 26 देशों में बिना वीजा, वीजा ऑन अराइवल या आसान प्रवेश व्यवस्था के साथ यात्रा कर सकते हैं। दूसरी ओर दुनिया के कई शक्तिशाली पासपोर्ट धारकों को 150 से अधिक देशों में वीजा-फ्री या आसान एंट्री की सुविधा प्राप्त है।
किन देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा?
भारतीय पासपोर्ट रखने वाले यात्रियों को अभी भी कुछ देशों में बिना पूर्व वीजा के यात्रा करने की सुविधा मिलती है। इनमें भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला और बारबाडोस जैसे देश शामिल हैं। कुछ स्थानों पर वीजा ऑन अराइवल की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे यात्रा प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान हो जाती है।
हालांकि दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में प्रवेश के लिए भारतीय नागरिकों को पहले से वीजा लेना अनिवार्य है। इनमें अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम (यूके), जर्मनी, फ्रांस, चीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत करीब 88 देश शामिल हैं।
नामीबिया से भी नीचे पहुंचा भारत
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की स्थिति कई देशों से पीछे दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट नामीबिया से नीचे है, जबकि फिलीपींस, मोरक्को और उज्बेकिस्तान जैसे देशों की रैंकिंग भी भारत से बेहतर है। हालांकि भारत अजरबैजान और किर्गिस्तान जैसे देशों से आगे बना हुआ है।
पड़ोसी देशों की क्या है स्थिति?
भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो चीन इस सूची में 104वें स्थान पर है और भारत से बेहतर स्थिति में है। वहीं दक्षिण एशिया के कई अन्य देशों की रैंकिंग भारत से नीचे है।
चीन – 104वां स्थान
भारत – 125वां स्थान
नेपाल – 164वां स्थान
बांग्लादेश – 166वां स्थान
पाकिस्तान – 188वां स्थान
इससे स्पष्ट होता है कि भारत की स्थिति अपने कुछ पड़ोसी देशों से बेहतर जरूर है, लेकिन वैश्विक स्तर पर अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है।
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 के टॉप-10 देश
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में यूरोपीय देशों का दबदबा देखने को मिला। शीर्ष 10 देशों की सूची इस प्रकार है—
स्वीडन
स्विट्जरलैंड
फिनलैंड
जर्मनी
डेनमार्क
नीदरलैंड्स
आयरलैंड
यूनाइटेड किंगडम
नॉर्वे
सिंगापुर
इन देशों के पासपोर्ट धारकों को दुनिया के अधिकांश देशों में वीजा-फ्री या बेहद आसान यात्रा सुविधा प्राप्त है।
अमेरिका और फ्रांस भी टॉप-10 से बाहर
इस बार की रैंकिंग में एक दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया कि अमेरिका और फ्रांस दोनों 11वें स्थान पर रहे और टॉप-10 में जगह बनाने से चूक गए। वहीं कनाडा 13वें स्थान पर है। इससे साफ संकेत मिलता है कि वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता के मामले में यूरोप अभी भी सबसे मजबूत क्षेत्र बना हुआ है।
क्या बताता है ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स?
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स किसी देश के पासपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय ताकत को मापता है। इसमें यह देखा जाता है कि किसी देश का नागरिक कितने देशों में बिना वीजा, वीजा ऑन अराइवल या आसान प्रवेश सुविधा के साथ यात्रा कर सकता है। जिस देश के नागरिकों को अधिक देशों में बिना वीजा यात्रा की अनुमति होती है, उसका पासपोर्ट उतना ही मजबूत माना जाता है।

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