Operation Sindoor : नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए छह जवानों के नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दर्ज होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर शहीद जवानों की जानकारी एक साल तक सार्वजनिक नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह तथ्यहीन बताते हुए कहा कि शहीदों को समय-समय पर सार्वजनिक रूप से श्रद्धांजलि और सम्मान दिया गया था।

पवन खेड़ा ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 28 जुलाई 2025 को संसद में दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा कि यदि ऑपरेशन सिंदूर में छह जवान शहीद हुए थे, तो संसद में यह क्यों कहा गया कि भारतीय सैनिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
खेड़ा ने कहा कि इस मामले में दो ही संभावनाएं हैं—या तो रक्षा मंत्री को उस समय शहीदों की जानकारी नहीं थी या फिर संसद को गुमराह किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहीदों को वह सम्मान समय पर नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।
रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को बताया भ्रामक
रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में किए जा रहे दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। मंत्रालय के अनुसार, छह शहीद जवानों को पहली बार अब सम्मान मिलने का दावा पूरी तरह निराधार है।
मंत्रालय ने बताया कि—
11 मई 2025 को डीजीएमओ की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी छह शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई थी।
14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्हें वीरता पुरस्कार दिए जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई थी।
भारतीय सेना के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी तत्काल श्रद्धांजलि दी गई थी।
8 अक्टूबर 2025 को वायुसेना प्रमुख ने शहीद सार्जेंट के परिजनों को सम्मानित किया।
15 जनवरी 2026 को सेना दिवस परेड में तीन शहीदों के परिजनों को सेना मेडल (वीरता) प्रदान किया गया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर नाम दर्ज करने की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और उसी के तहत सभी छह जवानों के नाम दर्ज किए गए हैं।
राजनाथ सिंह के बयान पर भी दी सफाई
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया जा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, उनका बयान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने संबंधी दावों का खंडन करने के संदर्भ में था, न कि शहीद जवानों की जानकारी छिपाने के लिए।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर
6 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक एयरस्ट्राइक की थी। सरकार के अनुसार, इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इसके बाद 10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी थी।

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