Ahmedabad Plane Crash : नई दिल्ली। अहमदाबाद में एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के क्रैश को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए पायलटों के संगठन ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स’ (FIP) ने दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से मामले की दोबारा और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शुरुआती रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है, जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
FIP ने AAIB को भेजे अपने पत्र में दावा किया है कि हाल ही में किए गए सिम्युलेटर परीक्षण और सरकारी एजेंसी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के बीच करीब 14 सेकंड का महत्वपूर्ण अंतर सामने आया है। संगठन का मानना है कि यह अंतर मामूली नहीं है और इससे पूरे घटनाक्रम की व्याख्या बदल सकती है।
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पायलट संगठन के अनुसार, दुर्घटना के कारणों को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तकनीकी तथ्यों की गहन समीक्षा आवश्यक है। संगठन ने कहा है कि जब तक विस्तृत और पारदर्शी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पायलट की गलती या कथित “पायलट सुसाइड” जैसी अटकलों पर चर्चा करना उचित नहीं होगा।
FIP ने अपने पत्र में यह भी कहा कि विमान दुर्घटनाओं की जांच केवल तथ्यों और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की जल्दबाजी में निकाले गए निष्कर्ष न केवल जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि विमानन उद्योग में कार्यरत पायलटों और यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति भी पैदा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AAIB दोबारा जांच करने का निर्णय लेता है तो हादसे से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य कारण से हुई थी।

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