वॉशिंगटन। अमेरिका के एक संघीय न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड Trump को बड़ा झटका देते हुए उनके समर्थन वाले 1.8 अरब डॉलर के ‘एंटी वेपनाइजेशन’ फंड पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है। वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की जिला अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किया।
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अदालत ने ट्रंप-वेंस प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर लिखित शपथ-पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करें कि इस विवादास्पद फंड को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
अदालत का कड़ा रुख, पुरानी रोक बढ़ाई
अमेरिकी जिला अदालत की जज लियोनी ब्रिंकेमा ने फंड के गठन और संचालन पर रोक लगाते हुए सख्त टिप्पणी की। इससे पहले मई के अंतिम सप्ताह में इस योजना पर अस्थायी रोक लगाई गई थी, जिसकी अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही थी। अदालत ने पाया कि सरकार की ओर से केवल मौखिक आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि योजना पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
विवाद की जड़ में IRS समझौता
यह मामला तब सामने आया जब ट्रंप प्रशासन ने टैक्स रिटर्न लीक के एक पुराने मामले में आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) के साथ समझौते के तहत इस फंड के गठन की घोषणा की थी। विपक्षी दलों और आलोचकों ने आरोप लगाया कि इस फंड का उपयोग राजनीतिक सहयोगियों और 6 जनवरी के कैपिटल हिल दंगों में शामिल लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
सरकारी दलीलें अदालत में कमजोर पड़ीं
कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कांग्रेस को सूचित किया था कि सरकार राजनीतिक दबाव के चलते इस योजना को आगे नहीं बढ़ा रही है। हालांकि, अदालत में सरकारी वकील यह स्पष्ट नहीं कर सके कि यदि योजना बंद कर दी गई है तो इसे स्थापित करने वाले आधिकारिक आदेश को निरस्त क्यों नहीं किया गया।
इसी आधार पर अदालत ने प्रशासन से ‘पेनल्टी ऑफ परजुरी’ के तहत लिखित हलफनामा मांगा है, ताकि भविष्य में इस फंड के उपयोग पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जा सके।
क्या है एंटी वेपनाइजेशन फंड?
प्रशासन के अनुसार, इस फंड का उद्देश्य उन लोगों को मुआवजा देना था, जो कथित तौर पर पिछली डेमोक्रेटिक सरकारों की ‘लॉफेयर’ का शिकार हुए। इस फंड की निगरानी पांच सदस्यीय समिति द्वारा की जानी थी, जिसकी नियुक्ति का अधिकार राष्ट्रपति के पास होता।
‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड’ और पूर्व संघीय अभियोजकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना कि टैक्सपेयर्स के पैसों का इस तरह उपयोग वित्तीय नियमों और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है।
अदालत के इस आदेश के बाद अब जब तक सरकार लिखित रूप में यह प्रमाणित नहीं करती कि फंड पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, तब तक अमेरिकी ट्रेजरी से इस मद में कोई राशि जारी नहीं की जा सकेगी।

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