Missile’ इस्लामाबाद। भारत के तेजी से विकसित हो रहे लंबी दूरी के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर पाकिस्तान में चिंता बढ़ती नजर आ रही है। पाकिस्तान के एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने दावा किया है कि भारत की मिसाइल क्षमताएं अब केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी पहुंच पश्चिमी देशों की राजधानियों तक भी हो सकती है।
पाकिस्तान के राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (एनसीए) के सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मजहर जमील ने बृहस्पतिवार को आयोजित एक संगोष्ठी में यह टिप्पणी की। यह कार्यक्रम पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम पर चर्चा के लिए ‘सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ (CISS) द्वारा आयोजित किया गया था।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जमील ने कहा कि भारत का लंबी दूरी की मिसाइलों के विकास पर बढ़ता फोकस उसकी रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि भारत की नई पीढ़ी की मिसाइलें केवल पाकिस्तान या क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी मारक क्षमता यूरोप और अन्य पश्चिमी क्षेत्रों तक पहुंचने की क्षमता रखती है।
पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा कि भारत लगातार अपनी सामरिक और रक्षा क्षमताओं का विस्तार कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दक्षिण एशिया में हथियारों की दौड़ और रणनीतिक स्थिरता के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील भी की।
हालांकि भारत की ओर से पाकिस्तान के इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि उसका रक्षा और मिसाइल कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा तथा न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता (Credible Minimum Deterrence) की नीति पर आधारित है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसी कारण पड़ोसी देशों में उसकी बढ़ती सैन्य क्षमता को लेकर चर्चा और चिंता दोनों बढ़ी हैं।

More Stories
Iran Attack on Bahrain: अमेरिकी बेस पर ईरान का मिसाइल हमला, नुकसान का आकलन कर रही US Navy
Su-57 Fighter Jet Deal: भारत में होगा रूसी फाइटर जेट का प्रोडक्शन? पुतिन के दौरे पर बड़ा मुद्दा
Nepal Flood : सैलाब ने मचाई भारी तबाही, 55 किमी सड़क और 33 पुल तबाह, 7,570 घर क्षतिग्रस्त