बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। इससे राज्य की सत्ता में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं।सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी, जिसमें उन्होंने अपने फैसले की जानकारी दी। बैठक में सभी मंत्रियों की मौजूदगी रही और राजनीतिक हलचल दिनभर बनी रही।
डीके शिवकुमार की अहम मौजूदगी
बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल हुए। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। इस भावनात्मक पल ने राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।कांग्रेस विधायक अशोक पत्तन के अनुसार, डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
Ganga River Accident : गंगा नदी में पलटी नाव, दो शव बरामद, पांच लोग लापता
राज्यपाल से मुलाकात और औपचारिक प्रक्रिया
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय मांगा था, हालांकि राज्यपाल वर्तमान में बेंगलुरु से बाहर हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सिद्धारमैया अपना इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल या औपचारिक माध्यम से सौंप सकते हैं।संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार, राज्यपाल की अनुपस्थिति में भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा भेज सकते हैं, जिसे बाद में स्वीकार किया जाता है। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं।
सत्ता परिवर्तन की संभावनाएं तेज
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि डीके शिवकुमार को जल्द ही कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना जा सकता है और उनके नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो सकता है।इसके साथ ही मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें 15 से 20 नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है।
CG NEWS : भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार से मारपीट का आरोप, FIR दर्ज
बदलाव के पीछे क्या कारण?
कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई कारण बताए जा रहे हैं—
- 2023 में चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति बनी थी, जिसमें रोटेशनल फॉर्मूला चर्चा में रहा था।
- सरकार पर वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाले जैसे आरोपों का असर भी माना जा रहा है।
- पार्टी नेतृत्व का मानना है कि समय रहते बदलाव से एंटी-इंकम्बेंसी को कम किया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कर्नाटक में जल्द ही नई सरकार की घोषणा हो सकती है। साथ ही दो डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा है, जिनमें एक दलित और दूसरा ओबीसी या लिंगायत समुदाय से हो सकता है।
फिलहाल राज्य की राजनीति में सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान और आगामी औपचारिक फैसलों पर टिकी हुई हैं।

More Stories
Pahalgam Terror Attack : पहलगाम आतंकी हमले मामले में बड़ा एक्शन, हाफिज सईद के खिलाफ कोर्ट का सख्त आदेश
Sex Education in Schools : सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का बड़ा ऐलान, स्कूलों में शुरू होगी सेक्स एजुकेशन, NCERT तैयार करेगा पाठ्यक्रम
NEET UG 2026 Re-Exam OMR Sheet : NTA ने जारी की स्कैन OMR शीट, 15 जुलाई सुबह 11 बजे तक करें आपत्ति