नई दिल्ली। धार्मिक दृष्टि से इस बार का चौथा बड़ा मंगल विशेष महत्व लेकर आ रहा है। मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और रुके हुए कार्य सिद्ध होते हैं। इस वर्ष ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल के दिन पद्मिनी एकादशी का भी शुभ संयोग बन रहा है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ गया है।
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कब है चौथा बड़ा मंगल?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चौथा बड़ा मंगल 26 मई को मनाया जाएगा। इसी दिन पद्मिनी एकादशी भी पड़ रही है, जिसे धार्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जाता है।
प्रमुख शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से 12:46 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:03 बजे से 04:43 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 बजे से 03:31 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:10 बजे से 07:30 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:29 बजे से 01:13 बजे तक
धार्मिक मान्यता और महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। इसी कारण इस महीने के सभी मंगलवारों को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। भक्त इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना और व्रत रखते हैं।
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बड़े मंगल पर क्या करें और क्या न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है।
किन बातों से बचें:
- बाल, दाढ़ी या नाखून काटना वर्जित माना जाता है
- काले कपड़े पहनने से बचें, लाल या पीले वस्त्र शुभ माने जाते हैं
- क्रोध और अपशब्दों का प्रयोग न करें
- प्याज-लहसुन जैसे तामसिक भोजन से परहेज करें
- ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए
क्या करें:
- हनुमान जी की पूजा-अर्चना करें
- जरूरतमंदों को अन्न और धन का दान करें
- सात्विक जीवनशैली अपनाएं
दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, बड़े मंगल के दिन दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और आर्थिक बाधाएं दूर होती हैं। भक्त मंदिरों में या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करते हैं।

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