Categories

May 21, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

CG NEWS : मोदी-मेलोनी मुलाकात पर सियासी संग्राम’ कांग्रेस नेता की ‘हनीमून’ टिप्पणी से विवाद, खाद संकट पर भी घेरा

CG NEWS : रायपुर। रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की हालिया मुलाकात को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। दीपक बैज के एक बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

‘हनीमून’ टिप्पणी से बढ़ा विवाद

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने मोदी-मेलोनी की मुलाकात और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “ऐसा लग रहा है जैसे दोनों हनीमून मनाने गए हैं” और तस्वीरों को “वेडिंग शूट” जैसा बताया। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है।

West Bengal New Madasa Rules : बंगाल में बड़ा फैसला’ अब सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य, प्रार्थना से पहले गाना होगा जरूरी

सोशल मीडिया पर छाई तस्वीरें

प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात की तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में दोनों नेताओं के बीच सहज और मित्रवत बातचीत दिखाई दे रही है, जिसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भाजपा का पलटवार

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणी देश के प्रधानमंत्री और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गरिमा के खिलाफ है।

खाद संकट को लेकर भी सरकार पर निशाना

दीपक बैज ने केवल इस मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश में खाद की कमी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि—

  • सहकारी समितियों में किसानों को खाद नहीं मिल रहा
  • किसान परेशान हैं
  • सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि खाद का कितना स्टॉक उपलब्ध है

साथ ही उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था सुनिश्चित करे।

किसानों की समस्या बनी बड़ा मुद्दा

प्रदेश में खाद की कमी को लेकर पहले से ही चर्चा है। किसान खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे हैं, ऐसे में खाद की उपलब्धता बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस सरकार पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस के बयान को मुद्दा बनाकर पलटवार कर रही है।

विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में अक्सर देखने को मिलते हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर संयम बरतना जरूरी होता है।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay