Supreme Court’ नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर आज एक अहम मोड़ आने वाला है। इस संवेदनशील और बहुचर्चित मामले में भारत का सर्वोच्च न्यायालय आज अपना फैसला सुनाएगा, जिसका असर करोड़ों लोगों और लाखों पशुओं पर पड़ सकता है।
यह फैसला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच द्वारा सुनाया जाएगा। अदालत ने 29 जनवरी को इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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क्या है पूरा मामला
देश के विभिन्न हिस्सों से आवारा कुत्तों के हमलों और बढ़ती संख्या को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी नीति बनाई जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
वहीं दूसरी ओर, पशु अधिकार संगठनों ने कुत्तों के संरक्षण और उनके मानवीय व्यवहार पर जोर दिया है। उनका कहना है कि कुत्तों को मारना या उन्हें जबरन हटाना समाधान नहीं है, बल्कि उनके लिए शेल्टर हाउस और नसबंदी जैसे उपाय अपनाए जाने चाहिए।
कोर्ट ने क्या कहा था
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार करते हुए सभी पक्षों से एक सप्ताह के भीतर लिखित दलीलें जमा करने को कहा था। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह मामला केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि मानवीय और सामाजिक संतुलन का भी है।
देशभर की नजरें फैसले पर
इस फैसले पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न केवल बड़े शहरों बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी दिशा तय करेगा।

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