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May 16, 2026

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रायपुर अधिवक्ता संघ चुनाव: कांटे के मुकाबले के बाद आज महा-मतगणना, देर रात तक आएंगे नतीजे; मुख्य पदों की गिनती होगी सबसे अंत में

रायपुर। रायपुर अधिवक्ता संघ का वार्षिक चुनाव इस बार इतिहास के सबसे दिलचस्प, कड़े और प्रतिष्ठापूर्ण मुकाबलों में से एक साबित हो चुका है। शुक्रवार को जिला न्यायालय परिसर में दिनभर चली भारी गहमागहमी और रिकॉर्ड मतदान के बाद, अब सभी उम्मीदवारों, वकीलों और राजनीतिक पंडितों की सांसें आज शनिवार को होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। कचहरी के गलियारों में सुबह से ही नतीजों को लेकर जबरदस्त उत्सुकता है, लेकिन इस बार अंतिम परिणाम के लिए सभी को लंबा इंतजार करना होगा।


सबसे लास्ट में होगी मुख्य पदों की गणना, देर रात तक चलेगी प्रक्रिया

निर्वाचन अधिकारियों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, चुनाव की संवेदनशीलता और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए मतगणना की विशेष रूपरेखा तैयार की गई है।

इस बार रायपुर अधिवक्ता संघ के मुख्य पदों (विशेषकर अध्यक्ष और सचिव पद) के निर्वाचन की गणना सबसे लास्ट (अंत) में की जावेगी। चूंकि कुल चार अलग-अलग रंगों के मतपत्रों के माध्यम से मतदान हुआ है, इसलिए पहले कार्यकारिणी और अन्य सह-पदों के मतपत्रों की छंटनी और गिनती की जाएगी। मुख्य पदों की गणना सबसे अंत में शुरू होने के कारण, अंतिम परिणाम आने की सम्भावना देर रात्रि तक चलने की है।

अधिकारियों का कहना है कि हर एक वोट की बारीकी से जांच की जाएगी, इसलिए वकील साथियों को धैर्य रखना होगा। पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार हर एक वोट को डिस्प्ले बोर्ड पर लाइव दिखाया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति पैदा न हो। शुक्रवार शाम को सील की गईं मतपेटियों को आज सुबह 10 बजे प्रत्याशियों की मौजूदगी में कमरा नंबर 206 स्थित स्ट्रांग रूम से कड़ी सुरक्षा के बीच बाहर निकाला गया।


अध्यक्ष पद पर देवांगन और पाण्डेय के बीच सीधा मुकाबला

इस बार अध्यक्ष पद की प्रतिष्ठापूर्ण लड़ाई में दिनेश देवांगन और कमलेश पाण्डेय के बीच सीधा और बेहद दिलचस्प मुकाबला देखा जा रहा है। शुरुआत में इस मुकाबले को त्रिकोणीय या बहुकोणीय माना जा रहा था, लेकिन मतदान के दिन तक आते-आते दोनों ही खेमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जिससे चुनाव आमने-सामने की सीधी टक्कर में तब्दील हो गया। दोनों ही कप्तानों ने वकीलों के बुनियादी मुद्दों को भुनाने की पूरी कोशिश की है।


भीषण गर्मी और भारी भीड़ ने बिगाड़ा पारंपरिक गणित

इस बार के चुनाव में कुछ ऐसे अप्रत्याशित और चौंकाने वाले कारक सामने आए हैं, जिसने कई दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। चुनाव विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि “मौसम और अप्रत्याशित भीड़ ने पारंपरिक चुनावी समीकरण को पूरी तरह बिगाड़ने का काम किया है।”

  • बुजुर्ग वकीलों की वापसी: दोपहर के समय अचानक धूप और उमस बेहद बढ़ गई। इसी दौरान मतदान केंद्रों पर वकीलों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण लंबी कतारें लग गईं, जिससे परेशान होकर कई वरिष्ठ व प्रतिष्ठित अधिवक्ता बिना वोट डाले ही घर वापस लौट गए।

  • बैलेट टेबल बढ़ाने की मांग: वरिष्ठ वकीलों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि स्टेट बार काउंसिल के चुनावों की तर्ज पर यहाँ भी बैलेट टेबल की संख्या अधिक होनी चाहिए थी ताकि बुजुर्ग वकीलों को परेशान न होना पड़ता।

  • गड़बड़ाया समीकरण: कुछ खास वर्ग के पारंपरिक मतदाताओं के बिना मतदान किए लौटने से कई बूथों के पुराने गणित पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। अब ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कहना सटोरियों और विश्लेषकों दोनों के लिए मुश्किल हो रहा है।


मतदान के प्रमुख आंकड़े (एक नजर में)

संघ के कुल 3243 मतदाताओं में से लगभग 2350 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो कि करीब 72.50 प्रतिशत रहा। मतदान को लेकर महिला वकीलों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। चुनाव को यादगार बनाने के लिए परिसर में विशेष ‘सेल्फी जोन’ भी तैयार किया गया था, जहां युवाओं ने जमकर तस्वीरें खिंचवाईं।

निर्वाचन अधिकारी राम नारायण व्यास के मुताबिक, निष्पक्षता के लिए चार रंगों के मतपत्र जारी किए गए थे, जिनकी संख्या इस प्रकार है:

  • पीला मतपत्र (2350 जारी): अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महिला उपाध्यक्ष और महिला कोषाध्यक्ष।

  • हरा मतपत्र (2342 जारी): सचिव, सह-सचिव और सह-सचिव महिला पद।

  • गुलाबी मतपत्र (2343 जारी): ग्रंथालय सचिव, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव और कार्यकारिणी सदस्य महिला पद।

  • नीला मतपत्र (2345 जारी): कार्यकारिणी सदस्यों के प्रत्याशी।


पार्किंग और बुनियादी सुविधाएं रहीं मुख्य मुद्दा

पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जिला न्यायालय की बदहाल पार्किंग समस्या, वकीलों के लिए स्वास्थ्य व जीवन बीमा पॉलिसी और नए आने वाले जूनियर अधिवक्ताओं के लिए सीटिंग रूम (बैठक व्यवस्था) का मुद्दा छाया रहा। निवर्तमान अध्यक्ष हितेंद्र तिवारी ने बताया कि पार्किंग के लिए कलेक्टर से जमीन स्वीकृत करा ली गई है और नए कोर्ट भवन के ऊपरी मंजिलों पर सीटिंग व्यवस्था की योजना है। अब देखना यह है कि देर रात जब परिणाम घोषित होंगे, तो रायपुर अधिवक्ता संघ की कमान किसके हाथों में जाती है।

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