Big Change In High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू होने से पहले जजों के कार्यक्षेत्र और सुनवाई की व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया गया है। आज यानी 7 मई से हाईकोर्ट में नया रोस्टर प्रभावी हो गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रकरणों की सुनवाई के लिए बेंचों का निर्धारण नए सिरे से किया गया है।
सुनवाई के लिए 4 डिवीजन और 14 सिंगल बेंच
नए रोस्टर के अनुसार, मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए बेंचों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला : सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट
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4 डिवीजन बेंच (खंडपीठ): ये बेंच दो-दो जजों की अध्यक्षता में गंभीर और संवैधानिक मामलों की सुनवाई करेंगी।
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14 सिंगल बेंच (एकलपीठ): एकल न्यायाधीशों की ये 14 बेंच नियमित सिविल, आपराधिक और अन्य रिट याचिकाओं पर सुनवाई करेंगी।
छुट्टियों से पहले पेंडेंसी कम करने पर जोर
हाईकोर्ट प्रशासन ने यह बदलाव ग्रीष्मकालीन अवकाश को ध्यान में रखते हुए किया है। रोस्टर में बदलाव का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि:
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अति-आवश्यक मामलों (Urgent Matters) की सुनवाई में देरी न हो।
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छुट्टियों से पहले अधिक से अधिक पुराने मामलों का निपटारा किया जा सके।
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न्यायिक प्रक्रिया में सुगमता और गति बनी रहे।
क्या होता है ‘रोस्टर’?
आम जनता के लिए सरल शब्दों में कहें तो ‘रोस्टर’ वह सूची या व्यवस्था है जिसके जरिए मुख्य न्यायाधीश यह तय करते हैं कि कौन से जज किस तरह के मामलों (जैसे क्रिमिनल, सिविल, टैक्स या जनहित याचिका) की सुनवाई करेंगे।

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