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May 4, 2026

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Digital Fraud of Rs 45 lakh : रिटायर्ड BSP कर्मी से 45 लाख की डिजिटल डकैती, फेसबुक पर वित्त मंत्री और सचिन तेंदुलकर के नाम से फंसाया

Digital Fraud of Rs 45 lakh : भिलाई (दुर्ग) | छत्तीसगढ़ के भिलाई में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद शातिर और हाईटेक तरीका अपनाया है। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 45,18,998 रुपये की चपत लगा दी गई। इस ठगी के लिए अपराधियों ने देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेट दिग्गज सचिन तेंदुलकर और समाजसेविका सुधा मूर्ति के नाम और फर्जी वीडियो का इस्तेमाल कर पीड़ित का भरोसा जीता।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?

पीड़ित कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि फेसबुक चलाते समय उन्हें एक विज्ञापन दिखा, जिसमें प्रतिष्ठित हस्तियां सुरक्षित निवेश और मोटा मुनाफा कमाने की सलाह दे रही थीं।

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  1. फेसबुक विज्ञापन और रजिस्ट्रेशन: पीड़ित ने विज्ञापन पर क्लिक किया, जिसके बाद उन्हें एक लिंक के जरिए रजिस्टर करने को कहा गया। शुरुआत में उनसे ₹18,998 रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लिए गए।

  2. व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी एक्सपर्ट्स: इसके बाद उन्हें ‘कृतिका’ और ‘सिद्धार्थ विपुल’ नाम के व्यक्तियों ने संपर्क किया, जिन्होंने खुद को ग्लोबल ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया जहाँ ‘मुनाफे’ के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए जाते थे।

  3. ईरान-इजराइल युद्ध का बहाना: ठगों ने अंतरराष्ट्रीय हालातों का फायदा उठाते हुए पीड़ित से कहा कि युद्ध के कारण सोने (Gold) और तेल (Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव होने वाला है, जिसमें निवेश करने पर करोड़ों का फायदा होगा।

  4. किस्तों में वसूली: पीड़ित ने भरोसे में आकर अलग-अलग तारीखों में कुल 45.18 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

भरोसा जीतने के लिए अपनाई ये तरकीब

ठगों ने पीड़ित को जाल में फंसाए रखने के लिए बीच-बीच में छोटी रकम वापस भी भेजी। एक बार ₹9,229 और दूसरी बार ₹2 लाख पीड़ित के खाते में ‘मुनाफे’ के तौर पर डाले गए। इससे पीड़ित को लगा कि उसका निवेश सही जगह जा रहा है, लेकिन जब उसने अपनी पूरी रकम निकालनी चाही, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया और उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया।

पुलिस की जांच और साइबर सेल की सलाह

पीड़ित की शिकायत पर दुर्ग साइबर सेल और सुपेला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ठगों के तार देश के बाहर भी जुड़े हो सकते हैं।

“किसी भी सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा कर सीधे पैसे ट्रांसफर न करें। बड़े नेताओं या हस्तियों के वीडियो ‘डीपफेक’ हो सकते हैं। अगर निवेश करना है, तो केवल सेबी (SEBI) द्वारा रजिस्टर्ड संस्थाओं के जरिए ही करें।”

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