Categories

April 28, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

Big Revelation In Bharatmala Scam : भारतमाला घोटाले में ED की रेड’ अभनपुर में अधिकारियों से बदसलूकी और धक्का-मुक्की, FIR दर्ज’ जमीन कारोबारी के ठिकानों से मिला सोना-चांदी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में ‘भारतमाला परियोजना’ से जुड़े बहुचर्चित जमीन मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई अब तीखे मोड़ पर आ गई है। अभनपुर थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के घर छापेमारी के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और धक्का-मुक्की की गई। इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा घटनाक्रम?

पिछले कुछ दिनों से राज्य भर में भारतमाला परियोजना के तहत हुए करोड़ों के मुआवजा घोटाले की जांच तेज हो गई है। इसी क्रम में, ईडी की टीम ने जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के अभनपुर स्थित निवास और कार्यालय पर दबिश दी थी।

MBA Student Rape Case : डिलीवरी के बहाने वारदात , सामान देने पहुंचा था 67 वर्षीय दुकानदार, मौका पाकर हॉस्टल रूम में किया रेप

  • आरोप: छापेमारी के दौरान, कथित तौर पर जांच टीम के सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया गया।

  • FIR दर्ज: इस घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अभनपुर थाना में संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस अब मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।

रेड में क्या मिला?

छापेमारी केवल अभनपुर तक सीमित नहीं थी, बल्कि राज्य के कई अन्य ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, गोपाल गांधी के ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद हुआ है:

  • भारी कैश और जेवरात: रेड के दौरान लाखों की नकदी के साथ-साथ करीब 4 किलो सोना और 90 लाख रुपये की चांदी जब्त किए जाने की खबरें हैं।

  • दस्तावेजों का जखीरा: ईडी की टीम ने जमीन अधिग्रहण से संबंधित कई संदिग्ध कागजात भी कब्जे में लिए हैं, जो इस ‘मुआवजा घोटाले’ की परतें खोलने में अहम साबित हो सकते हैं।

घोटाले का आधार

आरोप है कि भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत जमीन अधिग्रहण के दौरान कागजों में हेरफेर करके जमीन की कीमत कई गुना बढ़ा दी गई थी, ताकि सरकार से मोटा मुआवजा वसूला जा सके। इसमें बड़े स्तर पर सरकारी खजाने को चूना लगाने की बात सामने आई है, जिसे लेकर जांच एजेंसियां अब पूरी तरह से सख्त हैं।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay