CG BREAKING : प्रकाश इंडस्ट्रीज प्लांट में भीषण विस्फोट, कई मजदूर घायल’ मची अफरा-तफरी
क्या है DAC सिस्टम?
DAC यानी Delivery Authentication Code। यह एक OTP जैसा नंबर होता है। जैसे ही आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए निकलता है, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर कोड आता है। डिलीवरी एजेंट दरवाजे पर पहुंचेगा। कोड मांगेगा। सही कोड दिया—तभी सिलेंडर मिलेगा।सीधा नियम। कोई शॉर्टकट नहीं।
क्यों लाया गया यह नियम?
गैस कंपनियों ने यह कदम सुरक्षा के लिए उठाया है। फर्जी डिलीवरी, डुप्लीकेट एंट्री और ब्लैक मार्केटिंग—यही थे बड़े मुद्दे। DAC इन पर सीधा वार करता है। अब कोई भी सिलेंडर बिना ग्राहक की पुष्टि के “डिलीवर” नहीं दिखाया जा सकता।
ग्राउंड पर क्या बदल गया?
पहले एजेंट आता था, सिलेंडर देता था, साइन लेता था—काम खत्म। अब मोबाइल देखना पड़ेगा। मैसेज चेक करना पड़ेगा। एक यूजर ने बताया, “पहली बार कोड मांगा गया तो समझ नहीं आया। अब आदत हो गई है।”

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