दुर्ग: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने एक सख्त कदम उठाया है। दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को एक कड़ा पत्र जारी किया है। इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि समर कैंप के नाम पर भीषण गर्मी में स्कूल संचालित करने की प्रथा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
विभाग ने क्यों उठाया यह कदम?
पिछले कुछ दिनों में शिकायतें मिली थीं कि भीषण गर्मी के बावजूद कई निजी और सरकारी स्कूल ‘समर कैंप’ के बहाने बच्चों को स्कूल बुला रहे हैं। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और लू (Heatwave) के खतरे को देखते हुए, छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त न करने का निर्णय लिया गया है।
JD के पत्र में निर्देश:
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तत्काल प्रभाव से रोक: संभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में समर कैंप के नाम पर छात्रों को स्कूल बुलाने की गतिविधियों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है।
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DEOs की जिम्मेदारी: सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के स्कूलों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में छात्रों को स्कूल न बुलाया जाए।
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नियमों का पालन: शिक्षा विभाग ने पहले ही गर्मी की छुट्टियों के संबंध में दिशानिर्देश जारी कर रखे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षण संस्थान इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत
भीषण गर्मी में बच्चों के स्कूल आने-जाने से उन्हें लू लगने और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बना रहता है। शिक्षा विभाग के इस आदेश से उन अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।


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