रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला आरक्षण और 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक (परिसीमन) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। यह सत्र आगामी 27 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा।
विपक्ष के खिलाफ सरकार का बड़ा कदम
राज्य सरकार ने तय किया है कि इस विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के रवैये के खिलाफ सदन में ‘निंदा प्रस्ताव’ लाया जाएगा। सरकार का आरोप है कि विपक्ष के नकारात्मक रुख के कारण ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका और 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया।
भीषण गर्मी में राहत : छत्तीसगढ़ में राशन दुकानों का समय बदला, सुबह 7 से रात 9 बजे तक खुलेंगी
सीएम साय की नाराजगी: “बहुत दुखी मन से आया हूं”
बीते 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। इस दौरान वे काफी भावुक और गंभीर नजर आए। सीएम साय ने कहा था:
“मैं बहुत दुखी मन से मीडिया के बीच आया हूं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि केवल विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल पाया।”
क्या है पूरा मामला?
-
मुख्य मुद्दा: महिला आरक्षण कानून और परिसीमन से जुड़ा 131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक।
-
विवाद की जड़: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस विधेयक के पारित न होने के लिए भाजपा सरकार विपक्षी दलों को जिम्मेदार मान रही है।
-
विशेष सत्र का उद्देश्य: सरकार इस सत्र के माध्यम से न केवल अपना पक्ष मजबूती से रखेगी, बल्कि विपक्ष द्वारा इस बिल में की गई बाधाओं को जनता के सामने उजागर करने के लिए निंदा प्रस्ताव भी पारित कराएगी।
सियासी गलियारों में हलचल
विशेष सत्र बुलाए जाने के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार के इस कदम को राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष इसे महिला सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तौर पर देख रहा है। 27 अप्रैल को होने वाले इस सत्र में जोरदार हंगामे के आसार हैं।

More Stories
CG NEWS : फाइल पेंडिंग होने पर युवक ने अफसरों को भेंट किए ‘बादाम’, वीडियो वायरल होते ही दो अधिकारी मुख्यालय अटैच
Big Revelation of Cyber Fraud In CG : साइबर ठगी का ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क ध्वस्त’ 300 से अधिक खातों से करोड़ों का खेल, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर नगर निगम में बड़ा खुलासा: 100 एकड़ जमीन की फाइल गायब, 4 अधिकारी सस्पेंड