“समाधान की समय सीमा तय”: अफसरों की जवाबदेही होगी सुनिश्चित
हमें मिली जानकारी के मुताबिक, इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण करना है. सरकार ने इसके लिए ₹19.44 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट ‘वी विन लिमिटेड’ को सौंपा है, जो इस पूरे सिस्टम का क्रियान्वयन और प्रबंधन करेगी. इस प्रोजेक्ट के तहत एक व्यापक शिकायत प्रबंधन बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है |
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी जवाबदेही है. अफसरों को प्राप्त शिकायतों का एक निश्चित समय सीमा (Deadline) के भीतर निराकरण करना अनिवार्य होगा. यदि तय समय में समस्या हल नहीं होती, तो वह शिकायत उच्च अधिकारियों के पास ऑटो-एस्केलेट हो जाएगी. यह सिस्टम ठीक वैसा ही है जैसे मैदान पर रेफरी हर मूव पर नज़र रखता है. प्रशासन ने इसे मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल और टोल-फ्री नंबर के जरिए एक ‘इंटीग्रेटेड सिस्टम’ बनाने की योजना तैयार की है. रायपुर के प्रशासनिक गलियारों में इस नई व्यवस्था को लेकर काफी हलचल है. सूत्रों का कहना है कि शुरुआती फेज में इसे नगरीय निकायों और राजस्व विभाग के साथ सिंक किया जाएगा. यह पहल सुरक्षा और सेवा को लेकर चल रही सभी बहसों को प्लेऑफ की दौड़ जैसा ही महत्वपूर्ण बना देती है |
“सीएम हेल्पलाइन सिर्फ़ एक नंबर नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच का सीधा सेतु है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति की आवाज़ सीधे मंत्रालय तक पहुंचे. जो अफसर काम में कोताही बरतेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी.”
— एक वरिष्ठ अधिकारी, सुशासन एवं अभिसरण विभाग

More Stories
Private School New Guideline : छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मान्यता के नियम बदले, 2026-27 से लागू होगी नई गाइडलाइन
Swine Flu in Chhattisgarh : प्रदेश में आज मिले स्वाइन फ्लू के 46 नए मरीज, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, जानिए जिलेवार आंकड़े
CG Weather Today : मानसून रूठा तो फिर चढ़ा पारा, उमस भरी गर्मी से लोग परेशान’ इस दिन राहत मिलने के आसार