रायपुर, 17 अप्रैल 2026: रायपुर नगर निगम के बोरियाखुर्द स्थित Zone 10 कार्यालय से एक बड़ी और हैरान करने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। दफ्तर से 69 जमीनों की मूल नस्ती (फाइलें) अचानक गायब हो गई हैं। इस घटना के बाद निगम महकमे में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य बिंदु:
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प्रभावित क्षेत्र: यह मामला जोन-10 के वार्ड क्रमांक 54 (कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड) का है, जिसमें बोरियाखुर्द, ओम नगर, साईं नगर और भिलाई नगर जैसे इलाके शामिल हैं।
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अधिकारियों में हड़कंप: जोन आयुक्त मोनेश्वर शर्मा ने निगम के अन्य सभी जोनों और विभागों को पत्र लिखकर अपील की है कि यदि भूलवश ये फाइलें उनके पास आ गई हों, तो उन्हें तुरंत लौटा दें।
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फाइलों का महत्व: नस्ती फाइल में जमीन का पूरा रिकॉर्ड होता है, जिसमें खसरा, रकबा, लोकेशन, नक्शा, मालिकाना हक, लीज-आवंटन और टैक्स की पूरी जानकारी शामिल होती है। एक साथ 69 भूखंडों की फाइलें गायब होना बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
कैसे हुआ इस ‘गायब’ खेल का खुलासा?
फाइलों के गायब होने का पता तब चला जब 150 एकड़ की अवैध कॉलोनियों में रास्ता बनाने का मामला सामने आया।
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पृष्ठभूमि: वर्ष 2018 में तत्कालीन आयुक्त रजत बंसल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) को इन अवैध कॉलोनियों में मार्ग बनाने के संबंध में पत्र लिखा था।
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नियमों की अनदेखी: हाल ही में जोन-10 कार्यालय ने निगम मुख्यालय को बिना बताए सीधे टीएंडसीपी को फाइल भेज दी, जिस पर टीएंडसीपी ने 2 अप्रैल को एनओसी (NOC) भी जारी कर दी।
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गायब फाइलों की पोल खुली: जब निगम आयुक्त को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई और 9 अप्रैल को टीएंडसीपी से इस एनओसी को निरस्त करने को कहा। इसके बाद जब सड़क बनाने के लिए दर निर्धारण हेतु जोन से मूल नस्ती मांगी गई, तब जाकर पता चला कि फाइलें दफ्तर से गायब हैं।
विपक्ष का आरोप: बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की साजिश
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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उनका कहना है कि निगम के अधिकारी बिल्डरों और दलालों को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सीमांकन के नाला निर्माण और अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
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तिवारी ने इस पूरे प्रकरण की जांच एक स्वतंत्र कमेटी से कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आगे की कार्रवाई: दर्ज होगी एफआईआर
जोन-10 के आयुक्त मोनेश्वर शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सभी 69 भूखंडों की मूल नस्ती गायब है। उन्होंने बताया कि अन्य विभागों से पत्राचार किया जा रहा है कि कहीं फाइलें गलती से वहां तो नहीं चली गईं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि फाइलें नहीं मिलती हैं, तो अंततः इस मामले में पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
नोट: गायब हुई फाइलों में भूखंड क्रमांक 81, 82, 86 से लेकर 450 तक के कई महत्वपूर्ण खसरा नंबर शामिल हैं। वर्ष 2011-12 में बोरियाखुर्द के निगम में शामिल होने के बाद से ही इस क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार आती रही हैं।

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