इंदौर से सारंगढ़ तक फैला था जाल: ऐसे खुली पोल
नकली दवाओं का यह खेल बेहद शातिराना तरीके से चल रहा था। रायपुर पुलिस के मुताबिक, इंदौर का मुख्य सप्लायर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली दवाएं तैयार कर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी इलाकों में खपा रहा था। सारंगढ़ और भाठापारा के मेडिकल स्टोर संचालक इन दवाओं को कम दाम में खरीदकर मरीजों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और इंदौर से कड़ियां जोड़ते हुए मुख्य सप्लायर तक जा पहुंची। 2026 में रायपुर पुलिस का यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रग विभाग के साथ संयुक्त ऑपरेशन माना जा रहा है। पकड़ी गई दवाओं की बाजार में कीमत लाखों में आंकी गई है।
“यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ है। हम इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंच चुके हैं और इंदौर के कुछ और ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। किसी भी सूरत में नकली दवाओं का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— मयंक गुर्जर, डीसीपी (नॉर्थ), रायपुर पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नकली दवाओं की सप्लाई रायपुर के किन-किन अन्य मेडिकल स्टोर्स में की गई है। ड्रग विभाग ने संबंधित दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इंदौर की कुछ और छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स पर गाज गिर सकती है। 2026 के इस बड़े एक्शन ने प्रदेश के औषधि बाजार में हड़कंप मचा दिया है।

More Stories
CG BREAKING : MP के सागर में जहरीली शराब का तांडव, छत्तीसगढ़ में अलर्ट
Private School New Guideline : छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मान्यता के नियम बदले, 2026-27 से लागू होगी नई गाइडलाइन
Swine Flu in Chhattisgarh : प्रदेश में आज मिले स्वाइन फ्लू के 46 नए मरीज, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, जानिए जिलेवार आंकड़े