नई दिल्ली | हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा के पुनर्जन्म और उनके धरती पर आगमन का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ही मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकलकर धरती लोक के लिए अग्रसर हुई थीं।
शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि व्यक्ति के सात जन्मों के पाप भी धुल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शुभ अवसर पर कुछ विशेष चीजों को घर लाना आपके बंद किस्मत के ताले खोल सकता है?
1. गंगाजल: सुख-समृद्धि का अटूट स्रोत
गंगा सप्तमी के दिन पवित्र नदी से जल भरकर घर लाना सबसे शुभ माना जाता है। यदि आप नदी तक नहीं जा सकते, तो घर में रखे गंगाजल को पीतल या तांबे के पात्र में भरकर उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) में रखें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और महादेव प्रसन्न होते हैं।
2. चांदी का पात्र या कछुआ
चांदी को पवित्र धातु माना गया है। इस दिन चांदी का एक छोटा पात्र या चांदी का कछुआ खरीदकर लाना घर में धन की आवक बढ़ाता है। इसे पूजा स्थान पर रखकर मां गंगा का ध्यान करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
3. तांबे का कलश
चूंकि गंगा जी शिव की जटाओं से निकली हैं, इसलिए शिव को प्रिय तांबा इस दिन घर लाना बेहद लाभकारी है। तांबे के लोटे में जल भरकर उसे सूर्य देव को अर्पित करें या तुलसी के पौधे में डालें; यह मान-सम्मान में वृद्धि का कारक बनता है।
4. दक्षिणावर्ती शंख
शंख को मां लक्ष्मी का भाई माना जाता है और गंगा जी का संबंध भी सीधे नारायण से है। गंगा सप्तमी पर दक्षिणावर्ती शंख घर लाकर उसकी स्थापना करने से दरिद्रता का नाश होता है और सोया हुआ भाग्य जाग उठता है।
5. श्वेतार्क गणपति या रुद्राक्ष
भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस दिन रुद्राक्ष घर लाना बहुत उत्तम है। यह न केवल स्वास्थ्य लाभ देता है बल्कि घर के सदस्यों की अकाल मृत्यु और संकटों से रक्षा भी करता है।

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