श्रीनगर/डोडा: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आज यानी रविवार, 12 अप्रैल की सुबह 15 मिनट के भीतर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पहला झटका सुबह 4 बजकर 22 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई। इसके ठीक 15 मिनट बाद, 4 बजकर 37 मिनट पर दूसरा झटका महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.0 रही। अचानक आए इन झटकों से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और नींद में सो रहे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर खुले मैदान की ओर भागने लगे।
भूकंप का केंद्र डोडा क्षेत्र में जमीन के अंदर गहराई में बताया जा रहा है। पहला भूकंप अधिक शक्तिशाली था, जिसका असर आसपास के किश्तवाड़ और रामबन जिलों में भी आंशिक रूप से महसूस किया गया। दूसरे झटके की गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई है। राहत की बात यह है कि अभी तक प्रशासन को किसी भी जान-माल के नुकसान या संपत्तियों के ढहने की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, झटके इतने तेज थे कि घरों की खिड़कियां और बर्तन हिलने लगे। डोडा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग काफी समय तक दोबारा झटका आने के डर से घर के बाहर ही डटे रहे। भूकंप के झटके आने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सतर्क हो गई हैं और संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है।
भूकंप का विवरण:
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पहला झटका: सुबह 04:22 बजे (तीव्रता 4.6)
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दूसरा झटका: सुबह 04:37 बजे (तीव्रता 3.0)
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केंद्र: डोडा, जम्मू-कश्मीर
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गहराई: 10 किलोमीटर (दूसरे झटके की)
विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा सीस्मिक जोन 4 और 5 में आता है, जो भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। डोडा और किश्तवाड़ की पहाड़ियों में अक्सर छोटे और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं। वैज्ञानिक इन झटकों को भूगर्भीय प्लेटों में होने वाली हलचल का परिणाम मान रहे हैं।
फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है और प्रशासन ने लोगों से पैनिक न करने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पुराने और जर्जर निर्माणों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचित करें। भूकंप के झटके थमने के बाद अब लोग धीरे-धीरे अपने दैनिक कार्यों की ओर लौट रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से सावधानी बरती जा रही है।

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