- बड़ा स्कोर: ईरान का उच्चस्तरीय डेलीगेशन वार्ता के लिए इस्लामाबाद लैंड कर चुका है।
- सख्त लाइनअप: संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ कर रहे हैं टीम की कप्तानी।
- कंडीशनल प्ले: ईरान का साफ संदेश—शर्तें मानने पर ही अमेरिका के साथ शुरू होगा ‘मैच’।
Mohammad Baqer Qalibaf Islamabad , इस्लामाबाद — ग्लोबल पॉलिटिक्स के मैदान पर शनिवार को सबसे बड़ा मुकाबला होने जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को ‘न्यूट्रल वेन्यू’ चुना गया है। ईरान की टीम शनिवार सुबह यहां पहुंच गई, जिसका मकसद सालों से जारी इस खूनी जंग को खत्म करने की दिशा में पहला ठोस कदम बढ़ाना है। हालांकि, ईरान ने टॉस से पहले ही अपनी शर्तें पिच पर बिछा दी हैं।
मैदान का हाल: गालिबाफ की कप्तानी और ईरान का ‘पावर प्ले’
ईरान ने इस कूटनीतिक मुकाबले के लिए अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ को मैदान में उतारा है। डेलीगेशन के इस्लामाबाद पहुंचते ही ईरानी मीडिया ने तेवर साफ कर दिए हैं।
- शुरुआती रणनीति: ईरान ने स्पष्ट किया कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका उनकी पूर्व निर्धारित शर्तों पर सहमत होगा।
- अहमियत: इस समिट को मध्य-पूर्व में जारी अस्थिरता को रोकने के लिए ‘फाइनल कॉल’ माना जा रहा है।
- तनाव का स्कोर: पिछले कई हफ्तों से दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और सैन्य हलचल चरम पर थी।
“शांति वार्ता की टेबल तभी सजेगी जब हमारी वैध शर्तों को स्वीकार किया जाएगा। हम यहां केवल औपचारिक मुलाकातों के लिए नहीं, बल्कि ठोस समाधान के लिए आए हैं।” — ईरानी डेलीगेशन के करीबी सूत्र (मीडिया रिपोर्ट)

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