- बड़ा स्कोर: शादी के समय लड़की की उम्र मात्र 16 साल 2 माह पाई गई।
- पेनल्टी: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की रिपोर्ट के बाद आरोपियों पर POCSO एक्ट में केस दर्ज।
- फील्डिंग: लापरवाही पर मध्य प्रदेश और केरल के DGP को दिल्ली मुख्यालय तलब किया गया।
NCST Investigation Report 2026 , नई दिल्ली — सोशल मीडिया पर सनसनी बनी ‘कुंभ वायरल गर्ल’ के मामले में आज एक ऐसा ‘फाउल’ सामने आया है जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में साबित हो गया है कि जिसे बालिग बताकर दुनिया के सामने पेश किया गया, वह दरअसल एक नाबालिग है। रिकॉर्ड्स की गहराई से जांच करने पर पता चला कि शादी के वक्त उसकी उम्र महज 16 साल के करीब थी।
मैदान का हाल: फर्जी उम्र का खेल और प्रशासनिक चूक
जांच टीम ने जब कागजी ‘फील्डिंग’ चेक की, तो उम्र का बड़ा अंतर सामने आया। शादी को कानूनी रूप देने के लिए उम्र के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस खुलासे ने न केवल शादी कराने वाले पक्ष को बैकफुट पर धकेल दिया है, बल्कि उन राज्यों की पुलिस पर भी सवाल खड़े किए हैं जिन्होंने शुरुआती जांच में ढील बरती।
- असली उम्र: 16 साल 2 महीने (शादी के समय)।
- चार्जशीट: POCSO एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम की गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
- एक्शन: NCST ने मामले की गंभीरता देखते हुए मध्य प्रदेश और केरल के पुलिस कप्तानों (DGP) को जवाबदेही के लिए बुलाया है।
“रिकॉर्ड झूठ नहीं बोलते। लड़की नाबालिग थी और उसे बालिग बताकर कानून के साथ धोखाधड़ी की गई। यह एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी खिलाड़ी को बख्शा नहीं जाएगा।” — प्रवक्ता, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

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