Categories

April 6, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

BSF’S New ‘Reptile’ Strategy : भारत-बांग्लादेश सीमा पर अब मगरमच्छ और सांप करेंगे घुसपैठियों का शिकार; गृह मंत्रालय ने दिए विचार के आदेश

नई दिल्ली/कोलकाता | 06 अप्रैल, 2026 भारत-बांग्लादेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए केंद्र सरकार एक लीक से हटकर योजना पर काम कर रही है। गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) अब सीमावर्ती नदी-नालों और दलदली इलाकों में मगरमच्छों और जहरीले सांपों को छोड़ने की व्यवहार्यता (Feasibility) पर विचार कर रहा है।

क्यों पड़ी इस अनोखे कदम की जरूरत?

भारत और बांग्लादेश के बीच कुल 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसका एक बड़ा हिस्सा नदी और घने जंगलों से घिरा है।

Chhattisgarh High Court News : जग्गी मर्डर केस में ‘सुपर ओवर’ खत्म , 20 साल बाद Amit Jogi ‘ को उम्रकैद, हाईकोर्ट ने सुनाया अंतिम फैसला

  • 175 किमी का दुर्गम इलाका: सीमा का लगभग 175 किलोमीटर हिस्सा ऐसा है जहाँ साल भर पानी भरा रहता है या जमीन दलदली है। यहाँ कटीले तार (Barbed wire) लगाना और उनकी देखभाल करना लगभग असंभव है।

  • घुसपैठ का सबसे बड़ा रास्ता: घुसपैठिए और तस्कर इन्हीं ‘रिवरिन गैप्स’ (Riverine Gaps) का फायदा उठाकर भारत में दाखिल होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10-11 वर्षों में इस सीमा पर 8,600 से अधिक घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

गृह मंत्री के निर्देश पर ‘ऑपरेशनल’ विचार

रिपोर्ट्स के अनुसार, 26 मार्च को गृह मंत्रालय ने BSF मुख्यालय को एक निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया है कि दुर्गम जल क्षेत्रों में प्राकृतिक सुरक्षा (Natural Deterrents) के रूप में सरीसृपों (Reptiles) का इस्तेमाल करने की संभावनाओं को तलाशा जाए। इस योजना का उद्देश्य बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के सीमा पर एक ‘खतरनाक प्राकृतिक बाधा’ तैयार करना है, जिससे घुसपैठियों के मन में खौफ पैदा हो सके।

चुनौतियां और स्थानीय विरोध की आशंका

BSF के कई फील्ड कमांडरों ने इस योजना पर कुछ व्यावहारिक चिंताएं भी जताई हैं:

  1. बाढ़ का खतरा: मानसून के दौरान इन नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में ये मगरमच्छ और सांप रिहाइशी इलाकों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता है।

  2. पारिस्थितिकी पर असर: वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी क्षेत्र में कृत्रिम रूप से इन जीवों को छोड़ना स्थानीय इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकता है।

  3. देखभाल: सांपों और मगरमच्छों की आबादी को एक सीमित दायरे में रखना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

About The Author

YouTube Shorts Autoplay