रायपुर | 06 अप्रैल, 2026 छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे जेसीसीजे (JCCJ) सुप्रीमो अमित जोगी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने अमित जोगी की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए उन्हें संयुक्त सुनवाई के लिए सूचीबद्ध (List) कर लिया है। अब इस पूरे मामले पर आगामी 20 अप्रैल 2026 को विस्तृत सुनवाई होगी।
अमित जोगी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
अमित जोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो संदेश जारी कर इस कानूनी अपडेट की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए दो महत्वपूर्ण निर्णयों— 25 मार्च 2024 और 02 अप्रैल 2026 — को एक साथ जोड़ दिया है। जोगी ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च अदालत में उन्हें न्याय मिलेगा।
क्या है मामला और क्यों है ‘संयुक्त सुनवाई’ अहम?
दरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अमित जोगी ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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25 मार्च का निर्णय: इस फैसले में हाईकोर्ट ने जोगी की रिहाई को रद्द किया था।
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02 अप्रैल का निर्णय: इस निर्णय के तहत सजा की पुष्टि और अन्य कानूनी पहलुओं पर आदेश जारी हुए थे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन दोनों फैसलों को एक साथ सुनने का मतलब है कि अब पूरे मामले की मेरिट पर एक साथ विचार किया जाएगा, जिससे कानूनी प्रक्रिया में तेजी आएगी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
अमित जोगी की याचिका के सूचीबद्ध होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जहाँ जोगी समर्थक इसे सत्य की जीत की पहली सीढ़ी मान रहे हैं, वहीं जग्गी परिवार और विपक्षी दल अभी भी कड़ी सजा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 20 अप्रैल की तारीख अब इस मामले में सबसे निर्णायक साबित होने वाली है।

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