मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में पिछले दिनों हुई सेवानिवृत्त लेखापाल (Retired Accountant) की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस अंधे कत्ल का जो सच सामने आया है, उसने न केवल पुलिस को बल्कि पूरे इलाके को चौंका दिया है। इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतक का सगा भाई और उसके अपने ही परिजन निकले।
संपत्ति का लालच और खूनी साजिश पुलिस जांच में यह बात साफ हुई है कि इस वीभत्स हत्याकांड की मुख्य वजह करोड़ों की पैतृक संपत्ति थी। मृतक लेखापाल की संपत्ति पर उनके छोटे भाई और अन्य परिजनों की नजर थी। संपत्ति को पूरी तरह से हड़पने के रास्ते में भाई को सबसे बड़ा रोड़ा मानते हुए, आरोपियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की सुनियोजित साजिश रची।
किडनैपिंग और सुपारी किलिंग साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पेशेवर अपराधियों को सुपारी (Contract) दी थी। पहले सेवानिवृत्त लेखापाल का अपहरण किया गया और फिर एक सुनसान जगह पर ले जाकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने साक्ष्यों को मिटाने की भी पूरी कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स ने उनकी पोल खोल दी।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 15 आरोपी सलाखों के पीछे मुंगेली पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक का सगा भाई, परिवार के अन्य सदस्य और वे पेशेवर अपराधी शामिल हैं जिन्हें हत्या के लिए पैसे दिए गए थे। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य सामग्री भी बरामद की है।
“रिश्तों का कत्ल”: पड़ोसियों और जानकारों का कहना है कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि जिस भाई के साथ बचपन बीता, वही भाई चंद रुपयों और जमीन के टुकड़ों के लिए जान का दुश्मन बन जाएगा।

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