e-RaktKosh Portal Mandatory Registration : CDSCO का कड़ा फरमान , ई-रक्तकोष पर नहीं किया रजिस्ट्रेशन तो रद्द होगा ब्लड बैंक का लाइसेंस, शुरू हुई डिजिटल निगरानी
अनिवार्य नियम: सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने सभी लाइसेंस प्राप्त ब्लड सेंटर्स के लिए ई-रक्तकोष (e-RaktKosh) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
कड़ी निगरानी: अब ब्लड बैंकों को हर यूनिट का हिसाब डिजिटल देना होगा; फिजिकल स्टॉक और ऑनलाइन डेटा में अंतर मिलने पर तुरंत एक्शन होगा।
मुख्य लक्ष्य: देशभर में खून की रीयल-टाइम उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध कालाबाजारी को जड़ से मिटाना।
नई दिल्ली — भारत सरकार ने देश के हेल्थकेयर सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ी ‘स्ट्राइक’ की है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने आदेश जारी किया है कि देश का हर रजिस्टर्ड ब्लड बैंक अब ‘ई-रक्तकोष’ पोर्टल का हिस्सा होगा। यह कदम उस समय उठाया गया है जब कई इलाकों से खून की कमी और ऊंचे दामों पर यूनिट बेचने की शिकायतें मिल रही थीं। अब सरकार सीधे अपने डैशबोर्ड से यह देख सकेगी कि किस शहर के किस अस्पताल में कौन सा ब्लड ग्रुप उपलब्ध है।
नए नियमों के तहत, ब्लड बैंकों को अब अपनी ‘इन्वेंट्री’ छिपानी भारी पड़ेगी। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का मतलब है कि उन्हें हर दिन के स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी। सरकार का यह ‘सेंट्रलाइज्ड सिस्टम’ मरीजों के परिजनों के लिए लाइफलाइन साबित होगा, जिन्हें अक्सर एक यूनिट खून के लिए शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक दौड़ना पड़ता है।
रीयल-टाइम डेटा: मरीज के परिजन पोर्टल के जरिए पास के ब्लड बैंक में स्टॉक चेक कर सकेंगे।
लाइसेंस पर खतरा: जो ब्लड बैंक पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं करेंगे या गड़बड़ी करेंगे, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
कालाबाजारी पर रोक: स्टॉक की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग से खून की अवैध बिक्री और कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों पर लगाम लगेगी।
CDSCO ने साफ कर दिया है कि यह नियम केवल सरकारी नहीं, बल्कि सभी निजी ब्लड बैंकों पर भी समान रूप से लागू होगा। डिजिटल निगरानी के इस नए जाल से अब किसी भी सेंटर के लिए अपनी मनमानी करना नामुमकिन होगा।
“ब्लड सेंटर्स के लिए ई-रक्तकोष पर रजिस्ट्रेशन अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि अनिवार्य है। हमारा उद्देश्य एक ऐसा नेटवर्क बनाना है जहां जरूरत पड़ने पर खून की उपलब्धता महज एक क्लिक की दूरी पर हो। डेटा में विसंगति पाए जाने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”
— सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) प्रवक्ता
“प्रशासन और जनता के बीच का सेतु”
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