नई दिल्ली | 23 मार्च, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच भीषण युद्ध पर गहरी चिंता व्यक्त की। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि इस संकट ने न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था बल्कि भारत के सामने भी ‘अभूतपूर्व’ (unprecedented) चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। उन्होंने सदन के माध्यम से विश्व समुदाय से इस संघर्ष को तुरंत समाप्त करने और ‘संवाद व कूटनीति’ का रास्ता अपनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री के संबोधन
-
भारतीयों की घर वापसी: पीएम मोदी ने सदन को जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। इनमें ईरान से लाए गए लगभग 1,000 भारतीय भी शामिल हैं, जिनमें 700 से अधिक युवा मेडिकल छात्र हैं।
-
सुरक्षा सर्वोपरि: प्रधानमंत्री ने कहा, “संकट के इस समय में हर भारतीय की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमारे मिशन प्रभावित देशों में 24/7 सक्रिय हैं और भारतीयों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।”
-
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर चिंता: पीएम ने व्यापारिक जहाजों पर हमलों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा डालने को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों (तेल और गैस) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
‘कोविड की तरह रहें तैयार और एकजुट’
पीएम मोदी ने देशवासियों और राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि इस युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने कहा, “हमें उसी तरह धैर्य, संयम और एकजुटता दिखाने की जरूरत है, जैसे हमने कोरोना महामारी के दौरान दिखाई थी।” उन्होंने राज्य सरकारों से भी सतर्क रहने और युद्ध की आड़ में कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा आश्वासन
विपक्ष द्वारा तेल और गैस की किल्लत की आशंकाओं पर पीएम ने देश को आश्वस्त किया:
-
सप्लाई चैन: सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) की सप्लाई सुचारू बनी रहे।
-
स्रोतों का विस्तार: पिछले 11 वर्षों में भारत ने ऊर्जा आयात के स्रोतों को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक पहुँचा दिया है, जिससे जोखिम कम हुआ है।
-
शिपिंग अपडेट: हाल के दिनों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे कई भारतीय जहाज कूटनीतिक प्रयासों के बाद सुरक्षित भारत पहुँच चुके हैं।
विपक्ष और सरकार के बीच चर्चा
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी सदन को ताजा स्थिति से अवगत कराया। हालांकि, विपक्ष ने तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने आर्थिक संकट की आशंका जताते हुए सरकार से और अधिक स्पष्ट रणनीति की मांग की है।

More Stories
Ram Mandir offering theft case : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, सूत्रों के मुताबिक चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, SIT जांच के बीच बढ़ी हलचल
Jharkhand Road Accident : रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ट्रक-पिकअप की टक्कर में 7 की मौत, एक गंभीर घायल
Passport fees increased : 1 जुलाई से पासपोर्ट के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे, सरकार ने बढ़ाए शुल्क