चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हवाला देते हुए परिवहन एवं जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अमृतसर वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक (DM) गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने और मरने से पहले मंत्री का नाम लेने के बाद यह कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।
“खा ली सल्फास… अब मैं नहीं बचता”: 12 सेकंड का आखिरी वीडियो
DM गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक 12 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में वह बेहद डरे हुए नजर आ रहे हैं और कह रहे हैं:
“खा ली सल्फास, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से… अब मैं नहीं बचता।” परिजनों और विपक्षी नेताओं का आरोप है कि रंधावा पर मंत्री के किसी करीबी या पिता के नाम पर अवैध टेंडर देने का भारी दबाव बनाया जा रहा था।
मारपीट और जबरन वीडियो बनाने का आरोप
विपक्ष के नेताओं, जिनमें शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस के प्रताप सिंह बाजवा शामिल हैं, ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार:
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DM रंधावा को मंत्री के आवास पर बुलाया गया था।
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वहां उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें ₹10 लाख की रिश्वत लेने की बात कबूलने के लिए मजबूर किया गया।
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उन पर दबाव बनाया गया कि वह मंत्री के चहेतों को टेंडर जारी करें। रंजित एवेन्यू स्थित अपने आवास पर रंधावा ने इसी अपमान और दबाव के चलते सल्फास खा लिया।
मंत्री भुल्लर की सफाई और CM का रुख
इस्तीफा देने के बाद लालजीत सिंह भुल्लर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। मैं जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं, इसलिए मैंने खुद इस्तीफा दिया है ताकि जांच प्रभावित न हो।”
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी का इस तरह जान देना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक भुल्लर कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहेंगे और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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