- एक्शन मोड: रामकृष्ण केयर, श्री नारायणा और बालगोपाल हॉस्पिटल को कारण बताओ नोटिस जारी।
- बड़ा आरोप: सरकारी योजना (आयुष्मान भारत) के तहत मरीजों का उपचार करने से अस्पताल कर रहे हैं मना।
- विवाद: विधानसभा में उठा मुद्दा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी कार्रवाई की जानकारी।
Shyam Bihari Jaiswal Health Minister , रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं का ‘प्रीमियम’ दावा फेल होता नजर आ रहा है। रायपुर के सबसे बड़े निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के कार्ड धारकों को वापस लौटाना शुरू कर दिया है। विधानसभा में विपक्षी सवालों के बीच स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार किया कि रामकृष्ण केयर, श्री नारायणा और बालगोपाल हॉस्पिटल जैसे बड़े प्लेयर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। विभाग ने इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
शिकायतों का अंबार: कैसे खुली अस्पतालों की पोल?
विधानसभा के मौजूदा सत्र में सरकार से योजना की जमीनी हकीकत पूछी गई थी। जवाब में सामने आया कि कई बार शिकायतें मिलने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन अपने रवैये में सुधार नहीं कर रहे हैं। आयुष्मान कार्ड लेकर पहुंचने वाले मरीजों को बेड खाली न होने या तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है।
नोटिस पाने वाले प्रमुख अस्पताल: रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल, श्री नारायणा हॉस्पिटल, बालगोपाल हॉस्पिटल।
प्रमुख समस्या: एम्पेनल्ड होने के बावजूद कैशलेस इलाज से इनकार।
सरकारी स्टैंड: एग्रीमेंट के उल्लंघन पर अस्पतालों का एम्पेनलमेंट रद्द करने की चेतावनी।
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि किसी भी मरीज को इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर अस्पताल अपनी मनमानी बंद नहीं करते, तो उन पर भारी जुर्माना और बैन लगाया जा सकता है।
“रामकृष्ण केयर और नारायणा सहित कई बड़े अस्पतालों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली हैं। आयुष्मान योजना के तहत इलाज से मना करना समझौते की शर्तों का उल्लंघन है। हमने सख्त लहजे में नोटिस जारी किया है और जवाब के आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी।”
— श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़
बड़े अस्पतालों का यह रुख राज्य सरकार की स्वास्थ्य महत्वाकांक्षाओं के लिए एक बड़ा झटका है। आयुष्मान योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबों को बड़े अस्पतालों में मुफ्त इलाज दिलाना है, लेकिन अगर रायपुर के ‘टॉप टियर’ अस्पताल ही हाथ खींच लेंगे, तो यह योजना केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी।

More Stories
CG NEWS : जांजगीर-चांपा में आकाशीय बिजली का कहर, 3 लोगों की मौत और 4 झुलसे
क्या सुलझेगा छत्तीसगढ़-ओडिशा का 43 साल पुराना महानदी जल विवाद’ CM Sai’ ने कही ये बात
Chhattisgarh Teacher News : अतिथि शिक्षकों के लिए जरूरी अपडेट, 1535 शिक्षकों के 6 महीने के मानदेय की राशि जारी