Categories

March 12, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

Nitish Kumar : बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत राज्यसभा के लिए भरा नामांकन, जानें कब दे सकते हैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

पटना: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, जिसके साथ ही उनके दिल्ली जाने और बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने की अटकलें अब हकीकत में बदलती नजर आ रही हैं। 20 सालों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब देश की संसद के ऊपरी सदन (राज्यसभा) में नई भूमिका निभाएंगे।

8 या 9 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा!

सूत्रों के हवाले से आ रही है कि नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, अभी तक जेडीयू (JDU) या सरकार की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने और परिणाम आने के बाद वह अपना त्यागपत्र सौंप देंगे।

LPG Crisis India : देशभर में ECA लागू अब रिफाइनरियों को औद्योगिक गैस सीधे घरेलू ‘एलपीजी पूल’ में भेजने के आदेश

दिल्ली की राह और ‘संसदीय सफर’ का समापन

75 वर्षीय नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपनी इस इच्छा को प्रकट किया था। उन्होंने बताया कि वह बिहार विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। उनके मन में हमेशा से राज्यसभा सदस्य बनने की भी इच्छा थी, जिसे अब वह पूरा करने जा रहे हैं। उन्होंने बिहार की जनता को भरोसा दिलाया है कि वह दिल्ली जाकर भी राज्य के विकास के लिए मार्गदर्शन देते रहेंगे।

कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?

नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबर के साथ ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि:

  • भाजपा का पहला मुख्यमंत्री: क्या इस बार बिहार की कमान भाजपा के किसी नेता (जैसे सम्राट चौधरी या नितिन नबीन) को मिलेगी?

  • निशांत कुमार की एंट्री: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी सक्रिय राजनीति में आने और नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की खबरें जोरों पर हैं।

सत्ता और विपक्ष में हलचल

जहाँ एक तरफ एनडीए (NDA) खेमे में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारियां चल रही हैं, वहीं विपक्ष (आरजेडी) इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है। एनडीए के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 विधायकों का भारी बहुमत है, जिससे नई सरकार के गठन में कोई संवैधानिक अड़चन नहीं आएगी।

About The Author