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April 30, 2026

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Chhattisgarh Health Department Attachment Cancelled

Chhattisgarh Health Department Attachment Cancelled

Chhattisgarh Health Department Attachment Cancelled : मंत्री जायसवाल का कड़ा फैसला, जुगाड़ से शहरों में जमे स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टी, जाना होगा गांव

प्रश्नकाल में गूंजा मुद्दा, मंत्री ने दी जानकारी

गुरुवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि कई डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ प्रभावशाली संपर्कों के दम पर ग्रामीण इलाकों से हटकर शहरी क्षेत्रों के अस्पतालों में ‘अटैच’ होकर काम कर रहे हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इन नियुक्तियों को निरस्त करने का आदेश दिया।

अधिकारियों और कर्मचारियों को वापस जाना होगा मूल स्थान पर

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की प्राथमिकता सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करना है। लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि जिला मुख्यालयों और बड़े अस्पतालों में जरूरत से ज्यादा स्टाफ जमा है, जबकि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC/CHC) में ताले लटकने की नौबत है। अटैचमेंट रद्द होने के बाद अब सभी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को अपने उस मूल स्थान पर ज्वाइन करना होगा, जहां उनकी नियुक्ति पहली बार की गई थी।

“प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाना हमारी प्राथमिकता है। जुगाड़ के दम पर शहरों में अटैच होकर काम करने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं। हमने निर्णय लिया है कि प्रदेश में जितने भी अटैचमेंट किए गए हैं, उन्हें शून्य किया जाएगा ताकि गांवों के मरीजों को डॉक्टर और स्टाफ मिल सके।”
— श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री, छत्तीसगढ़

इस फैसले से राजधानी रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में भीड़ कम होने और ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में स्टाफ की उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है। शासन अब उन सभी आदेशों की सूची तैयार कर रहा है जिनके तहत पिछले कुछ वर्षों में ये अटैचमेंट किए गए थे। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा इस संबंध में औपचारिक लिखित आदेश जारी किया जा सकता है। जो कर्मचारी आदेश के बाद भी अपने मूल पदस्थापना स्थल पर रिपोर्ट नहीं करेंगे, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिरना तय है।

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