Categories

March 11, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

LPG Supply Meeting : नो टेंशन छत्तीसगढ़ में पर्याप्त है पेट्रोल-डीजल और LPG का स्टॉक, मंत्रालय में हुई समीक्षा

ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ गहन मंथन

बैठक में इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने स्पष्ट निर्देश दिए कि घरेलू एलपीजी गैस (Domestic LPG) की रिफिलिंग और डिलीवरी में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कृषि और परिवहन क्षेत्र के लिए डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त बफर स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है। विभाग ने कंपनियों से आगामी महीनों की मांग का पूर्वानुमान और सप्लाई चेन की मजबूती पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

कालाबाजारी और आपूर्ति में बाधा पर सख्त रुख

बैठक के दौरान राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे डिपो से पेट्रोल पंपों और गैस वितरकों तक होने वाले परिवहन की नियमित निगरानी करें। किसी भी स्तर पर कृत्रिम किल्लत या कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

“राज्य के नागरिकों को घरेलू गैस और वाहन ईंधन के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। हमने ऑयल कंपनियों के साथ आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की है। प्रदेश में स्टॉक पर्याप्त है और वितरण व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाने के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।”
— रीना बाबा साहेब कंगाले, सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग

इस समीक्षा बैठक का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं और किसानों को मिलेगा। गर्मी के मौसम में ईंधन की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह तैयारी महत्वपूर्ण है। खाद्य विभाग अब जिला कलेक्टरों के माध्यम से जमीनी स्तर पर स्टॉक की जांच करवाएगा। यदि आपके क्षेत्र में गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 48 घंटे से अधिक की देरी होती है या पेट्रोल पंप पर ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड दिखता है, तो आप विभाग के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

About The Author