Chaitra Navratri 2026 : नई दिल्ली। नई दिल्ली में जल्द ही शुरू होने जा रहे चैत्र नवरात्रि को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। इस दौरान भक्त माता रानी की पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि नवरात्र की तैयारियां वास्तु नियमों के अनुसार की जाएं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और माता दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
मुख्य द्वार पर लगाएं तोरण
नवरात्र के दौरान घर की साफ-सफाई और सजावट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों से बनी बंदनवार या तोरण लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।
Naxals Surrender : मुख्यधारा में लौटे 108 माओवादी, आज शौर्य भवन में डालेंगे हथियार
पूजा कक्ष में रखें हल्के रंग
पूजा घर की दीवारों के लिए हल्के पीले, गुलाबी या सफेद रंग का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। ये रंग मानसिक शांति प्रदान करते हैं और घर के वातावरण को सकारात्मक बनाते हैं। वहीं काले, गहरे नीले या भूरे जैसे तामसिक रंगों का उपयोग पूजा कक्ष में नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये रंग नकारात्मकता को बढ़ा सकते हैं।
कलश स्थापना की सही दिशा
हिंदू धर्म में कलश को सुख, वैभव और मंगल का प्रतीक माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कलश स्थापना हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में करनी चाहिए। इसी दिशा में माता की प्रतिमा और अखंड ज्योति स्थापित करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा में पूजा करने से घर में धन-धान्य और समृद्धि का वास होता है।
पीतल के कलश का विशेष महत्व
नवरात्र के दौरान पीतल के कलश में चावल भरकर उसे मंदिर के उत्तर-पूर्व हिस्से में रखना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। साथ ही कलश स्थापना के समय मन में शुद्ध भाव और श्रद्धा होना भी बेहद जरूरी माना गया है।
धार्मिक मान्यता है कि नवरात्र के इन सरल वास्तु उपायों को अपनाने से माता रानी की कृपा प्राप्त होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है।

More Stories
Belpatra Rules: सोमवार और चतुर्दशी पर क्यों नहीं तोड़ना चाहिए बेलपत्र? शिवपुराण में बताए गए हैं ये खास नियम
Guru Purnima 2026 : गुरु पूर्णिमा कब है? जानें पूजा विधि, शुभ मंत्र, आरती और इस दिन का धार्मिक महत्व
Sawan 2026 Solar Lunar Eclipse: सावन में दो बड़े ग्रहण, शासन, अर्थव्यवस्था और समाज पर क्या हैं ज्योतिषीय संकेत?