Categories

March 11, 2026

वेब न्यूज़ पोर्टल संघर्ष के स्वर

संघर्ष ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

Naxals Surrender

Naxals Surrender

Naxals Surrender : मुख्यधारा में लौटे 108 माओवादी, आज शौर्य भवन में डालेंगे हथियार

पूना मारगेम: बंदूक छोड़ थामेंगे विकास का हाथ

छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और पुनर्वास नीति के सकारात्मक असर के चलते इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डालने का फैसला किया है। सरेंडर करने वाले माओवादियों में कई इनामी और सक्रिय सदस्य शामिल हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें तत्काल सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके बाद इनके कौशल विकास और स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू होगी। लालबाग क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

शौर्य भवन में जुड़ेंगे समाज के सूत्र

आज होने वाले इस कार्यक्रम में बस्तर रेंज के आईजी, कमिश्नर और सभी जिलों के एसपी मौजूद रहेंगे। डीकेएसजेडसी (DKSZC) जैसे खतरनाक संगठन से इतनी बड़ी तादाद में कैडर्स का बाहर आना नक्सली नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव अंदरूनी इलाकों में तैनात अन्य माओवादियों को भी हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

“यह बस्तर की बदलती तस्वीर है। ‘पूना मारगेम’ अभियान का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण कराना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सम्मानजनक जीवन देना है। 108 नक्सलियों का एक साथ आना लोकतंत्र में अटूट विश्वास को दर्शाता है।”
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, बस्तर संभाग

स्थानीय नागरिकों के लिए यह खबर शांति की नई उम्मीद लेकर आई है। सरेंडर के बाद बस्तर के अंदरूनी इलाकों जैसे अबुझमाड़ और बीजापुर-दंतेवाड़ा के सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों (सड़क, स्कूल और अस्पताल) को गति मिलने की संभावना है। जगदलपुर शहर में कार्यक्रम के दौरान लालबाग और पुलिस लाइन की ओर जाने वाले रास्तों पर डायवर्जन हो सकता है। आम जनता से अपील की गई है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

About The Author